कनीना। कनीना एवं आसपास के करीब 50 हजार आबादी के लिए चिकित्सा सुविधा के लिए कनीना का उप- नागरिक अस्पताल चाहे मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इसे प्रथम परामर्श इकाई का दर्जा देने की मांग उठाई जा रही है।
कनीना की सेवा भारती हरियाणा प्रदेश, शाखा कनीना ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है। उप नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के रिहायशी मकान बनाने व मूलभूत सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की मांग की है। शाखा पदाधिकारियों का कहना है कि यहां चिकित्सा सुविधाएं कम हैं। अस्पताल में कोई बड़ी मशीन उपलब्ध है और ना कोई एमडी, एमएस या गायनी डाॅ. उपलब्ध है। सुविधाओं के अभाव में क्षेत्रवासियों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसे प्रथम परामर्श इकाई घोषित करने की मांग की गई है। जल्द ही पदाधिकारी अटेली विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से मिलेंगे।
क्या कहते हैं पदाधिकारी
अस्पताल में 400 ओपीडी होती है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। मजबूरन रेवाड़ी या नारनौल जाना पड़ता है। सचिवालय बनने के बाद यह संख्या और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधित समस्या का सही निदान तभी संभव हो पाएगा जब इस प्रथम परामर्श इकाई का दर्जा मिल जाएगा।
सुरेश शर्मा अध्यक्ष, सेवा भारती हरियाणा प्रदेश शाखा कनीना
कनीना क्षेत्र विशेष कर चिकित्सा सुविधा में सदा पिछड़ता रहा है, जबकि गरीब, मजदूर, किसान एवं पिछड़ा समाज से यह क्षेत्र भरा हुआ है जो इलाज के लिए दूर दराज जाने में सक्षम नहीं हैं। अस्पताल आते हैं लेकिन बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में भवन की कोई कमी नहीं है। सुविधाओं के अभाव में रेफर अस्पताल के रूप में पहचान बन चुकी है।
-योगेश अग्रवाल सेवा भारती, हरियाणा प्रदेश शाखा कनीना
कनीना के उप नागरिक अस्पताल को अविलंब एफआरयू की सुविधा देनी चाहिए। यहां गरीब तबके के लोग बड़ी आशा के साथ यहां आते हैं और सुविधा न मिलने के कारण निजी अस्पतालों महंगा उपचार लेने को मजबूर हैं। जब सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो उनका लाभ क्षेत्र के लोगों को दिया जाना चाहिए।
-जगदीश आचार्य जिला अध्यक्ष, सेवा भारती हरियाणा