फोटो संख्या:56 सांसद काे मांगपत्र सौंपते संदीप मालड़ा। स्रोत: स्वयं
महेंद्रगढ़। हरियाणा विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स ऐजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। हाल में आए केंद्रीय बजट में बायोफार्मा शक्ति पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इसके तहत लगभग 10 हजार करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
साथ ही तीन नए फार्मास्यूटिकल्स ऐजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने की भी घोषणा हुई है। स्थानीय लोगों की ओर से सांसद से उठाई गई इस मांग के बाद सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखा है।
अर्ध मरुस्थलीय क्षेत्र में प्राकृतिक जड़ी-बुटियों की है भरमार
विकास एवं निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा ने बताया कि सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह की ओर से लिखे पत्र में बताया कि महेंद्रगढ़ जिला एक य अर्ध मरुस्थलीय क्षेत्र है। यहां देसी जड़ी बूटियों यानी बायोफार्मा शक्ति का भंडार है। जिले के नारनौल में ढोसी की पहाड़ी भी हैं जहां च्यवनप्राश के जनक महर्षि च्यवन ने इसी पहाड़ी पर पाई जाने वाली जड़ी बूटियों से च्यवनप्राश बनाया था।
हकेंवि इस संस्थान की स्थापना के लिए उपयुक्त, लागत भी आएगी कम
सांसद धर्मबीर सिंह ने इस पर अपनी सहमति जताते हुए इस विषय को लेकर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को पत्र लिखकर इस बारे निवेदन किया है। सांसद ने भरोसा दिलाया है कि वे व्यक्तिगत रूप से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इस मांग को पूरा कराने की कोशिश की जाएगी।