मृतक राजेश के भाई मंदीप सिंह (ताऊ का लड़का) ने बताया कि उनके बड़े भाई राजेश, भाभी कोमल और भतीजी कविता तीनों का गांव खेड़ी में अंतिम संस्कार किया गया है। उनको मुखाग्नि भतीजे वंश ने दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में कल शाम तक इमोशनल ड्रामा चल रहा था।
नारनौल के कनीना उप मंडल के गांव खेड़ी में दक्षिणी दिल्ली के गांव देवली में 4 दिसंबर को हुए ट्रिपल मर्डर मामले में तीनों शवों का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। मृतक राजेश के भतीजे प्रशांत ने शवों को मुखाग्नि दी। गांव खेड़ी में चारोंओर सन्नाटा पसरा हुआ था। मृतक राजेश के चचेरे भाई मंदीप सिंह ने कहा कि उसका भतीजा अर्जुन ऐसा नहीं था किसी ने उसको मिस गाइड किया गया या फिर सोसायटी का उस पर असर हुआ है।
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बता दें दक्षिणी दिल्ली के गांव देवली में 4 दिसंबर को बेटे अर्जुन ने अपने पिता राजेश, मां कोमल और बहन कविता की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी थी। कल रात तीनों शवों को उनके पैतृक गांव खेड़ी लाया गया। जैसे ही ग्रामीणों इसकी सूचना लगी तो गांव में सन्नाटा पसर गया। तीनों शव एक साथ उठता देखकर हर आदमी की आंखें नम हो गई। उनकी शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। गांव के स्वर्गाश्रम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति-पत्नी दोनों को एक चिता पर लेटाया गया जबकि बेटी की चिता अलग बनाई गई। तीनों शवों को मुखाग्नि मृतक राजेश के 15 वर्षीय भतीजे वंश ने दी।
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मृतक राजेश के भाई मंदीप सिंह (ताऊ का लड़का) ने बताया कि उनके बड़े भाई राजेश, भाभी कोमल और भतीजी कविता तीनों का गांव खेड़ी में अंतिम संस्कार किया गया है। उनको मुखाग्नि भतीजे वंश ने दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में कल शाम तक इमोशनल ड्रामा चल रहा था। शाम पांच बजे असली तस्वीर सामने निकलकर आई थी। पुलिस ने आरोपी अर्जुन से पूछताछ की तो उसने सबकुछ बता दिया था। उन्होंने बताया कि आरोपी भतीजा अर्जुन इस प्रकार का नहीं था, कहीं न कहीं उसको किसी ने मिस गाइड किया या फिर उस पर सोसायटी का असर हुआ है। उन्होंने कहा कि जिसने गलत किया है, उसको सजा मिलनी चाहिए। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पूर्व पंच सुनील कुमार ने बताया कि गांव को बसे हुए 500 से 600 वर्ष हो गए। पहली ऐसी ह्दय विदारक घटना हुई है। ग्रामीण इसको पचा नहीं पा रहे। यह परिवार मिलनसार था। उनके साथ ऐसा होने पर पूरा गांव अचंभित है।