गांव गुढा रेलवे स्टेशन के पास रह रही एक प्रवासी महिला मजदूर की मौत हो गई। बिहार राज्य के लक्की सराय निवासी सरिता (30) ने 20 दिन पहले एक बच्चे को जन्म दिया था। पिछले दो दिन से क्षेत्र में 45 डिग्री तापमान चल रहा है। प्रवासी मजदूरों की कोठरी में पंखा तक नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि महिला की गर्मी से मौत हुई है।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से बिहार की निवासी सरिता अपने पति जयहिंद एवं तीन बच्चों के साथ गुढा केमला रेलवे स्टेशन के नजदीक एक टूटी कोठड़ी में रहतीी थी। वह और उसका पति मजदूरी करते थे। दो दिन से उसे उल्टी एवं दस्त हो रहे थे। सुबह लगभग दस बजे उसने कोठड़ी के अंदर ही दम तोड़ दिया। पति ने इसकी सूचना गेटमैन को दी। सूचना पाकर जीआरपी मौके पर पहुंची। शव को नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ ले जाया गया। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि महिला ने गर्मी के प्रकोप के कारण दम तोड़ दिया। मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। महिला का सबसे बड़ा बच्चा 5 वर्ष, दूसरा 2 वर्ष तथा तीसरा 20 दिन का ही बताया जा रहा है। आर्थिक तंगी और लॉकडाउन के कारण महिला के शव को बिहार ले जाना सबसे बड़ी चुनौती है।
मृतक महिला रेलवे स्टेशन के साथ लगती एक कोठड़ी में एक वर्ष से अधिक समय से रह रही थी। दो दिन से वह बीमार थी। सुबह दस बजे उसने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ ले जाया गया है जहां पर उसका पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा।
- धर्मबीर, जीआरपी चौकी इंचार्ज, महेंद्रगढ़।