गांव जाखणी में 3 महीनों से अपने पिता के घर रह रही नवविवाहिता ने जहर खाकर जान दे दी। मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के पति, सास, ससुर, जेठ-जेठानी और ननद समेत 6-7 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है।
गांव जाखणी में अपने पिता के घर रह रही नवविवाहिता सुकन्या ने 29 सितंबर को घर पर किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। थोड़ी देर बाद तबियत बिगडने पर विवाहिता ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी। परिजनों ने तुरंत विवाहिता को उपचार के लिए नारनौल के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद आगामी इलाजके लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। विवाहिता ने 30 सितंबर को देर शाम पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
सूचना मिलने पर नारनौल सदर थाना पुलिस ने 1 अक्तूबर को पीजीआई रोहतक पहुंच कर कागजी कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया था। मृतका के पिता पुरुषोत्तम ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसने अपनी पुत्री सुकन्या का विवाह गांव कुलताजपुर निवासी धर्मेंद्र के साथ जनवरी 2015 में हर्षोल्लासपूर्वक किया था। दहेज लोभी ससुराल पक्ष (पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी व ननद) के लोग शादी के बाद से ही उसे अपने पिता के घर से और दहेज लाने के लिए उसकी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। इस दौरान परिजनों ने कुलजातपुर जाकर कई बार बेटी के ससुरालियों को समझाया, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। प्रताड़ना से तंग आकर सुकन्या 3 महीने पहले अपने पिता के घर आ गई, लेकिन इसके बावजूद भी ससुरालियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। इससे तंग आकर उसने जहर जान दे दी।