नंदी गोशाला के पास खुले में मृत गोवंशों को डाला जा रहा है। इससे बीमारी फैलने के साथ दूषित वातावरण भी हो रहा है। यहां गड्ढों में मृत गोवंश को डाला जा रहा है, जिन्हें कुत्ते व अन्य जानवर नोच रहे हैं। इसका एक सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
जहां गोवंश डाले जा रहे हैं, उसके पास नंदी गोशाला भी है। इसके अलावा भी शहर में गोशाला है। लेकिन जिस भी गोशाला से मृत गोवंश खुले में डाले जा रहे हैं, वह अपराध के समान है। वीडियो में एक गड्ढे के अंदर 10 से 15 मृत गोवंश खुले पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
इससे पहले भी खुले में मृत गोवंश डालने का मामले सामने आ चुके हैं। अब फिर मृत गोवंश को दबाने की केवल औपचारिकताएं की जा रही है। हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है, लेकिन इसके बाद भी मरने के बाद ठीक से दफनाया नहीं जा रहा।
खुले में डालने से खाते रहते हैं जंगली जानवर
गोवंश के मरने के बाद उनको कूड़े-कचरे की तरह पीछे पहाड़ियों में खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे जंगली जानवर खाते रहते हैं। इन गड्ढों में मृत गोवंश डालने के बाद मिट्टी भी नहीं डाली जा रही है। इसकी वजह से वातावरण भी दूषित हो रहा है।
खुले में मृत गोवंश डालने का पहले भी उठ चुका है मुद्दा
नंदी गोशाला के पास खुले में गोवंश डालने का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। इसके बाद बीते एक साल से कोई मामला सामने नहीं आया था। लेकिन अब दोबारा खुले गड्ढे में मृत गोवंश डालने का मामला सामने आया है। इससे गो सेवकों में तो रोष है ही साथ में आमजन में भी इस तरह का कार्य करने वालों के खिलाफ रोष पनप रहा है।
मृत गोवंश को खुले में डालने की जानकारी उनके संज्ञान में आई हैं। ऐसे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दीपक गोयल, ईओ, नगर परिषद।