डांस में कोरियोग्राफी की भूमिका अहम
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खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से एमएएसडी विद्यालय में चल रही 10 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला में शनिवार को नृत्य प्रशिक्षिका सोनिया ने प्रतिभागियों को नृत्य का प्रशिक्षण दिया। शिविर में प्रतिभागियों को हरियाणवी, सामान्य और शास्त्रीय नृत्य आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सोनिया ने बताया कि संगीत की धुन पर भाव-भंगिमाओं से अपने मन की बात प्रकट करने का माध्यम नृत्य कहलाता है। उन्होंने बताया कि नृत्य खुशी व त्यौहार के माहौल में किए जाते हैं। नृत्य कई प्रकार के होते हैं, जैसे शास्त्रीय, सामान्य व लोक नृत्य आदि। उन्होंने बताया कि नृत्य में वेशभूषा व कोरियोग्राफी की मुख्य भूमिका होती है। कलाकार को संगीत की धुन के साथ सामंजस्य बनाए रखते हुए अपनी प्रस्तुति देनी होती है। संदीप संघी ने बताया कि कार्यशाला में युवा प्रतिभागी उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सिमरन चौहान नृत्य प्रशिक्षण देने में सोनिया का सहयोग कर रही हैं। धरसूं गांव से कोमल शर्मा, नारनौल की मीनल व मीनू पहली बार नृत्य का अभ्यास कर रही है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान तैयार करवाए गए आइटम 20 जून को समापन समारोह में प्रदर्शित किए जाएंगे।