शहर के गरीब लोगों को जल्द ही छत नसीब होगी। शहर की एक निजी कंपनी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाकर शहरी गरीब लोगों को उपलब्ध कराएगी। इस काम को अमलीजामा पहनाने के लिए वीरवार छह अप्रैल को नगर परिषद में पार्षदों की बैठक भी आयोजित की गई है। इस बैठक में इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी पार्षदों को दी जाएगी।
शहर में झुग्गी झोपड़ी में हजारों लोग रहते हैं। दूसरे प्रांतों से काम धंधे की तलाश में आये लोग भी शहर में कहीं न कहीं झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। जो अब कई सालों से शहर के मूल निवासी हो गए हैं तथा राशनकार्ड, आधार कार्ड व वोटर कार्ड जैसी सुविधाएं भी इनके पास हैं। ऐसे लोगों को छत नसीब हो, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। इस योजना को सफल बनाने के लिए नगर परिषद कार्रवाई में जुट गई है। संभावना है कि जल्द ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
निजी कंपनी बनाएगी आवास
योजना के तहत कोई भी निजी कंपनी शहर की नगर परिषद की खाली पड़ी जमीन पर आवास बनाएगी। इसके तहत कंपनी का नगर परिषद से ही अनुबंध होगा।
वार्ड पार्षदों की बैठक आज, लिया जाएगा निर्णय
शहरी गरीब लोगों को आवास मिले। इसके लिए वीरवार छह अप्रैल को वार्ड पार्षदों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के लिए नगर के सभी 25 वार्ड मेंबरों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में सभी वार्ड पार्षदों से इस योजना के लिए राय ली जाएगी। वहीं पार्षदों से यह भी जाना जाएगा कि उनके वार्ड में कितने लोग इस योजना का फायदा उठा चुके हैं।
रैन बसेरों की तर्ज पर भी बनेंगे मकान
सर्दी के मौसम में गरीब व जरूरतमंद लोगों के लिए बनाये जाने वाले रैन बसेरों की तर्ज पर भी मकान बनाने की नगर परिषद की योजना है। ये मकान नप की पुरानी मंडी की ओर खाली पड़ी जमीन या अन्य जगह खाली पड़ी जमीन में बनाये जाने की योजना है।
प्राइवेट कंपनी के अधिकारी भी रहेंगे बैठक में
नगर परिषद की छह अप्रैल को होने वाली बैठक में गरीबों के लिए मकान बनाकर देने वाली कंपनी के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। ये अधिकारी पार्षदों को योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। अगर पार्षदों की सहमति रही तो जल्द ही योजना परवान चढ़ेगी।
शहर में गरीबों व जरूरतमंद लोगों के लिए नगर परिषद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर देगी। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए छह अप्रैल को नगर पार्षदों की बैठक सुबह दस बजे नप प्रांगण में होगी। इससे शहर के गरीब लोगों को काफी फायदा होगा।
-चिमनलाल, एमई, नगर परिषद, नारनौल