गोतस्करों को पकड़ने में पुलिस के ढीले रवैये के कारण गांव झिगावन के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कनीना-नारनौल रोड़ को 4 घंटे जाम कर दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कनीना डीएसपी एवं नायब तहसीलदार पहुंचे और उनके आश्वासन पर ही उन्होंने जाम खोला। जाम के कारण दोनों और लंबी कतारें लग गई। इससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात को उपमंडल के गांव झिगावन में सज्जन सिंह की गाय घर के बाहर बंधी हुई थी। रात के समय गोतस्कर आकर उसकी गाय को गाड़ी में डाल रहे थे तभी परिवार के लोग गाय की आवाज को सुनकर जाग गए।
शोर मचा देने पर गांव के कुछ और लोग भी जाग हुए। लोगों को देखकर गोतस्कर वहां से भागने लगे। इस पर गांव के लोगों ने गाड़ी का पीछा भी किया लेकिन वो मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी गाड़ी में तीन गाय थी।
पकड़े जा सकते थे गोतस्कर
ग्रामीणों ने बताया कि वे गोतस्करों का पीछा कर रहे थे। गोतस्कर भोजावास से गांव खोल जिला रेवाड़ी की तरफ गाड़ी को ले जा रहे थे। उन्होंने इसकी सूचना खोल पुलिस को दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गोतस्करों को पकड़ने के लिए अगर नाकेबंदी करती तो वे पकड़ में आ सकते थे लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण गोतस्कर वहां से भागने में कामयाब रहे। इससे नाराज लोगों ने सुबह आठ बजे जाम लगा दिया। जाम के दौरान मौजूद भागीरथ सिंह, ओमबीर, हरिकिशन, गोपीराम, फूलसिंह, धर्मेंद्र, कुलदीप, रायसिंह, प्रेमकुमार, विजय सिंह, लक्ष्मी नारायण, श्योताज आदि ने सज्जन सिंह को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
आश्वासन पर खोला जाम
ग्रामीणों ने कनीना नारनौल सड़क मार्ग पर गांव में ही जाम लगा दिया। इसकी सूचना नायब तहसीलदार कनीना रमेशचंद एवं डीएसपी कनीना शाकिर हुसैन पहुंचे और उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जाम को खुलवाया और यातायात को सुचारु किया। इसी दौरान कुछ ग्रामीण उपमंडल अधिकारी कनीना से मिले लेकिन सही आश्वासन नहीं मिलने के कारण से वो नारनौल जिला उपायुक्त से मिलने के लिए पहुंचे और मुआवजे की मांग की।
पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। पुलिस तत्परता से इसकी कार्रवाई में जुटी है। कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
डा. शाकिर हुसैन, डीएसपी, कनीना