एटीएम कार्ड का नंबर पूछकर या फिर एटीएम तोड़कर पैसे निकालने वाले गिरोह
के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन ठगी का एक और नया तरीका सामने आया
है। पुलिस ने एटीएम से रुपये चुराने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया
है, जो बिना एटीएम कार्ड नंबर व मशीन को तोड़े ही लोगों को हजारों रुपये की
चपत लगा चुका है।
इस गिरोह ने एटीएम से रुपये चुराने के लिए नई तकनीक का
प्रयोग किया है। गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन के कैश काउंटर (जहां से पैसे
निकलते हैं) के अंदर सामने उसी रंग की एक प्लेट (छोटा बाक्स) लगा देते थे।
जब कोई व्यक्ति एटीएम से रुपये निकालने की कमांड देता तो एटीएम मशीन से
पैसे तो निकल जाते और बाहर नहीं आकर उनके बॉक्स में गिर जाते थे।
ऐसे में
उपभोक्ता के एटीएम से चले जाने के बाद आरोपी वहां से बाक्स से पैसे निकाल
लेते थे।
मामले का खुलासा घरौंडा पुलिस के हत्थे इस गिरोह के दो सदस्य
लगने के बाद हुआ है। पुलिस द्वारा आरोपियों से की गई गहन पूछताछ के दौरान
उनसे 92 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। आरोपियों ने माना है कि उन्होंने
करनाल, कुरुक्षेत्र, घरौंडा और पानीपत में ऐसी कई वारदात को अंजाम दिया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां
से राहुल को जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को अंबाला बाल सुधार गृह भेजा
है।
सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद
घरौंडा थाना प्रभारी जगदीश मोर
ने बताया कि कुछ दिन पहले शहर के एक एटीएम से चार हजार रुपये की
ट्रांजेक्शन होने के बाद रुपये न मिलने का मामला सामने आया था। गांव
स्टौंडी निवासी मेहर सिंह ने पुलिस को शिकायत में बताया कि उसने अराईपुरा
रोड स्थित एक बैंक के एटीएम से चार हजार रुपये निकलवाने की कमांड दी, लेकिन
एटीएम से उसे पैसे नहीं मिले। वह एटीएम से बाहर जाकर अपनी रेहड़ी पर खड़ा
हो गया। कुछ ही देर बाद दो युवक एटीएम में गए तथा वहां से लोहे की एक प्लेट
उतार ले गए। उसे कुछ गलत होने का संदेह होने पर उसने बैंक शाखा में जाकर
अपने खाते की जानकारी ली तो बैंक कर्मियों ने उसे बताया कि उसके खाते से
कुछ समय पहले ही चार हजार रुपये निकाले गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस
ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस द्वारा एटीएम में लगे सीसीटीव की फुटेज
खंगाली गई। उसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर रेलवे रोड पर छापेमारी कर
राहुल व नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया।
बरतें सतर्कता
पीएनबी
बैंक के मैनेजर एससी बजाज का कहना है कि उपभोक्ताओं को बड़ी सतर्कता के साथ
एटीएम और खाते का प्रयोग करना चाहिए। यह बिलकुल नए तरीके की ठगी है, ऐसे
में सारी चीजें जांच पड़ताल करके ही उपभोक्ता पैसे निकलवाएं। किसी को भी
अपने एटीएम का नंबर न बताएं, अगर मशीन से पैसे निकलकर बाहर न आएं तो इसकी
शिकायत करें। अगर कहीं पर भी संदेह हो तो पुलिस और बैंक को सूचना दें।