कृष्णावती नदी में पिछले कई महीनों से अवैध वाशिंग प्लांट चल रहे हैं। पिछले सप्ताह करीब 12 प्लांटों में तोड़फोड़ कर सामनों को जब्त कर लिया गया था। इस कार्रवाई में कोर्ट से स्टे होने के कारण एक प्लांट बच गया था। मंगलवार को इस प्लांट के चलने के पुख्ता सबूत मिलने के कारण प्लांट संचालक के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया।
बता दें कि कृष्णावती नदी में अवैध बजरी खनन और वाशिंग हो रहा है। जिला उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी के आदेशानुसार 25 सितंबर को छापेमारी कर प्लांटों की तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कोर्ट स्टे होने के कारण एक प्लांट को सुरक्षित छोड़ दिया। जिसका संचालक रात को खनन व बजरी वाशिंग करता है। इसकी देखादेखी अन्य संचालक दुबारा प्लांट स्थापित कर लेते हैं। शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा गुप्त रूप से छापेमारी की गई।
इस दौरान प्लांट चलता हुआ मिलने पर चलती हुई जेसीबी, बजरी स्टॉक की विडियोग्राफी की गई। सबूत मिलने पर मंगलवार को टास्क फोर्स की मीटिंग बुलाई गई। आरोपी संचालक के खिलाफ पुलिस को केस दर्ज करने के लिए लिखा गया। खनन विभाग के निरीक्षक सुभाषचंद ने बताया कि सबूतों के आधार में आरोपी संचालक के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। थाना प्रभारी राजकरण ने बताया कि देशराज पुत्र रामेश्वर के खिलाफ विभाग ने अवैध खनन तथा बजरी वाशिंग की शिकायत दी है। शिकायत में जेसीबी चलाने व बजरी स्टॉक का भी विवरण है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जल्द ही आगामी कार्रवाई शुरू होगी।