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डिकॉय पेशेंट के साथ अस्पताल में रेड

Wed, 13 Jan 2016 09:20 PM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
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शहर के एक निजी अस्पताल में लिंग जांच की सूचना पर भिवानी सीएमओ की टीम ने डिकॉय पेशेंट बनाकर रेड मारी। टीम ने मौके पर लिंग जांच करते कर्मियों को पकड़ लिया। टीम के कार्रवाई के दौरान अस्पताल की संचालिका भी कहीं चली गईं। फिलहाल पुलिस एक महिला कर्मचारी समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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भिवानी सीएमओ रणदीप पूनिया की टीम को जानकारी मिली थी कि महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल में लिंग जांच का खेल चल रहा है। इसके बाद सीएमओ ने अधिक जानकारी जुटाई तो पाया गया कि एक गांव का व्यक्ति इस अस्पताल के लिए काम करता है। टीम ने डिकॉय पेशेंट के साथ उससे संपर्क किया तो इसने 15 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय करवाया।

एजेंट को साथ लेकर डिकॉय पेशेंट बुधवार को अस्पताल में पहुंची। जिसके बाद लिंग जांच करने का काम शुरू हुआ इस दौरान टीम ने रेड मार दी। रेड के बाद टीम के अधिकारियों ने अस्पताल के एक महिला कर्मचारी समेत 4 को काबू कर लिया। एजेंट से टीम ने सीएमओ के हस्ताक्षरयुक्त 7 हजार रुपये भी बरामद कर लिया। रेड करने वाली टीम में भिवानी सीएमओ रणदीप पूनिया के साथ डीसीओ संदीप हुड्डा, भिवानी के सिविल लाइन थाना इंचार्ज बलराज, महेंद्रगढ़ तहसीलदार दिनेश कुमार शामिल रहे।
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डॉक्टर चकमा देकर फरार
टीम जब जांच कर रही थी अस्पताल संचालिका भी मौके पर मौजूद थीं। जब डॉक्टर को लगा कि टीम अब उसे भी हिरासत में ले सकती है तो वह टीम को चकमा देकर वहां से कहीं चली गईं। टीम के अधिकारियों ने पूरा अस्पताल छान मारा लेकिन संचालिका उनके हाथ नहीं लगी। टीम ने मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की है।

वकील को हिरासत में लिया तो हंगामा
स्वास्थ्य विभाग भिवानी की टीम जब अस्पताल में जांच कर रही थी तो एक अधिवक्ता वहां पर चले गए। एडवोकेट के अनुसार वो अस्पताल के लीगल एडवाइजर हैं। इसलिए वे अस्पताल में गए थे। जिसके बाद टीम ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। विभाग की टीम ने उन्हें अपने साथ ले गई। इसकी सूचना पाकर महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के वकील मौके पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। जिसके बाद वहां पर महेंद्रगढ़ डीएसपी पहुंचे, जब सब कुछ शांत पाकर वे वहां से जाने लगे तो वकीलों ने डीएसपी की गाड़ी को घेर लिया। जिसके बाद डीएसपी ने भिवानी पुलिस से संपर्क कर बताया कि अधिवक्ता को भिवानी पुलिस 120 बी के तहत ले गई है, उनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिस पर वकील शांत हुए।
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