फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के आरोप में पुलिस ने पूर्व बैंक मैनेजर और सहायक मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज़ किया हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक शाखा कार्यालय कांटी ने पुलिस मे शिकायत दी हैं कि छाजूराम निवासी गांव खेडी ने गुडंगावा ग्रामीण बैंक शाखा कांटी से एक पांच लाख रूपये का लोन 8 नवम्बर 2007 को गुरूग्राम ग्रामीण बैंक मोरटगेज स्कीम के तहत लिया था, जिसका खाता संख्या 7660ND00707254 है। अब 29 दिसम्बर 2013 से भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन द्वारा बैंक का नाम सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक हो गया है।
दोनों अधिकारियो ने फर्जी बैलंस कर्फमेशन लेटर तैयार करवाया
यह खाता 31 औगेस्ट 2013 को डिफाल्टर हो गया था तथा ऋणधारक छाजूराम की मृत्यु 10 औगेस्ट 2019 को हो गई थी। परन्तु उपरोक्त डिफाल्टर खाते की लिमिटेशन बढ़ाने के लिए तत्कालीन मैनेजर नरेन्द्र शर्मा ने तत्कालीन सहायक मैनेजर खुशीराम से मिलीभगत करके तथा बैंक को नुक्शान पहुचाने की नियत से एक फर्जी दस्तावेज जिसको बैलंस कर्फमेशन लेटर कहा जाता है, वगमह एक अक्टूबर 2019 को तैयार कर लिया और उसको उपरोक्त छाजू के लोन खाता में लगा दिया।
बैंक डिफाल्टर से नहीं कर सका रिकवरी, अब केस हुआ दर्ज
इस प्रकार बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई तथा फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया और उसको मूल दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया। इससे बैंक को करीब 40 लाख रूपये का नुकसान हो गय। बैंक समय पर छाजू के खिलाफ डीआरटी न्यायालय चण्डीगढ़ में केस नहीं लगा सका।
अगर नरेन्द्र और खुशीराम उपरोक्त ने एक अक्टूबर 2019 को फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंक फाईल में ना लगाते तो बैंक लिमिटेशन निकलने से पहले डीआरटी न्यायालय चण्डीगढ़ मे छाजू के वारिसान के खिलाफ केस लगा देता। इस प्रकार दोषीगण ने साज-बाज होकर और साजिश करके पर बैंक को नुकसान पहुंचने की नियत से धोखाधड़ी करने की नियत से फर्जी दस्तावेज तैयार किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज़ किया हैं।