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डॉक्टर पर लगाया इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप

Mon, 26 Dec 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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गांव सिगड़ी की 18 वर्षीय एक दलित युवती की हुई मौत के मामले में मृतका के परिजनों ने संमत अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज के दौरान लापरवाही तथा उनके साथ बदतमीजी किये जाने का आरोप लगाया है। मृतका के पिता महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार की देर सायं उसकी पुत्री ने घर में अंधेरा होने की वजह से भूलवश दवाई की जगह कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे महेंद्रगढ़ के सिविल अस्पताल में पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुये उसे रोहतक पीजीआई के लिए रेफर कर दिया मगर परिजन उसे उपचार के लिए महेंद्रगढ़ में स्थित संमत अस्पताल में ले गये। वहां पर अस्पताल के संचालक चिकित्सक ने लड़की की हालत को स्थिर बताकर इलाज के लिए भर्ती कर लिया। डॉ. ने कुछ समय तक उसका इलाज किया लेकिन जब मामला बिगड़ता दिखा तो डॉ. डी. के. यादव ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे आगामी ईलाज के लिए रेवाड़ी लेकर गए तो वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। परिजन मृतका को पोस्टमार्टम करवाने के लिए सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर आए तथा बोर्ड पोस्टमार्टम करवाने की मांग की।  पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर संमत अस्पताल के चिकित्सक के  विरूद्ध भादस की धारा 304 ए व एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके  छानबीन आरंभ कर दी है।
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चिकित्सक ने परिजनों के साथ किया दुर्व्यवहार
परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने एडमिट करने के लिए तुरंत 11 हजार रूपये जमा कराने के लिए कहा जिस पर उन्होंने उक्त राशि जमा करवा दी थी। इसके कुछ देर बाद चिकित्सक ने उनसे 5 हजार रूपये और जमा कराये।  इसके बाद उक्त डाक्टर ने बताया कि लड़की की हालत खराब है इस लिए उन्हें 20 हजार रूपये और जमा कराने होंगे। परिजनों ने डाक्टर से उनके पास और रूपये नहीं होने की बात कही तो उसने उन लोगों के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुये बदतमीजी की । गांव के सरपंच सवाई सिंह ने बीच बचाव करते हुए अपने घर से चेक बुक मंगवा कर 20 हजार रूपये की राशि का चेक डाक्टर को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी उस डाक्टर के व्यवहार में बदलाव नहीं आया और उसने परिजनों को लड़की से मिलने तक भी नहीं दिया। इसी बात से नाराज परिजन लड़की को अस्पताल से निकाल लाए और उसे इलाज के लिए रेवाड़ी के लाइफ केयर अस्पताल ले गये।
 
3 घंटे पहले हो चुकी थी मौत:
गांव के सरपंच सवाई सिंह ने आरोप लगाया कि वहां के डाक्टरों ने बताया कि लड़की की मौत तो काफी पहले ही हो चुकी थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि लड़की की मौत समत अस्पताल के चिकित्सक द्वारा इलाज के दौरान की गई लापरवाही की वजह से हुई है।  डाक्टर ने डेढ़ घंटे के मामले में लग रहा। मैंने घर से 20 हजार रूपये की राशि का चेक डाक्टर को सौंप दिया, उसके बाद डॉ. यादव ने कहा कि इसे यहां से कहीं ओर ले जाओ। इसकी हालत सीरियस है, जबकि लड़की उससे पहले की मरी हुई थी।
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डॉक्टर के गिरफ्तारी की मांग
पोस्टमार्टम करवाने के बाद सीगड़ी के ग्रामीण डाक्टर को गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीण अस्पताल में कुछ घंटे बैठे रहे और तब तक जाने से मना कर दिया जब तक चिकित्सक गिरफ्तार न हो जाए। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीएसपी राजेश कुमार ने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया कि उक्त चिकित्सक के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की जायेगी।
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मुझ पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो सब निराधार हैं। मरीज का इलाज पूरी गंभीरता के साथ किया गया था। कुछ शरारती तत्व उनको खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉक्टर डी.के. यादव, समंत अस्पताल
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