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लिंग जांच के आरोपी रिमांड पर

Tue, 16 Feb 2016 12:20 AM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
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जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार देर साम नारनौल के निकटवर्ती राजस्थान के पाटन की ढाणी जौगिया वाली में एक निर्माणाधीन मकान में लिंग जांच करते हुए एक चिकित्सक समेत चार लोगों को रंगे हाथों पकड़ा था। लिंग जांच में इस्तेमाल की जा रही अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील कर दिया था।चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कनीना ले जाया गया।उन्हें सोमवार को आरोपियों को महेंद्रगढ़ कोर्ट में अशोक कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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पीएनडीटी इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले 9-10 दिनों से हमें सूचना मिल रही थी कि एक तथाकथित चिकित्सक नारनौल के निकटवर्ती राजस्थान के पाटन के पास लिंग जांच कर रहा है और इसके लिए नारनौल और आस-पास के लोगों को वहां ले जाया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद विभाग ने रविवार सुबह एक टीम का गठन किया। डॉ. अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि तथाकथित चिकित्सक डॉ. अवधेश कुमार पांडे कोई चिकित्सक नहीं है। अपितु यह केवल एक एलटी है। जो चिकित्सक बनकर लिंग जांच जैसे अवैध काम को अंजाम दे रहा था।
 
बीस हजार में हुआ सौदा
इस टीम में डॉ. अश्वनी कुमार  वर्मा, डॉ. मोनिका यादव, हेमंत ग्रोवर डीसीओ, डीएसपी राजेश कुमार व उनका स्टाफ शामिल था। इस टीम ने गांव रसूलपुर की एक साढ़े तीन महीने की गर्भवती महिला को डीकाय पेशेंट बनाकर दलाल द्वारा चिकित्सक के दलाल सुनील कुमार जोगी के माध्यम से 20 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय किया।
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टीम ने ऐसे गिरफ्त में फंसाया
नोडल अधिकारी ने 20 हजार के नोटों पर हस्ताक्षर कर दलाल को थमा दिए। इसके बाद टीम रविवार सुबह 9 बजे से ही दलाल के माध्यम से चिकित्सक से संपर्क करने लगी। चिकित्सक ने उन्हें पाटन के निकट ढाणी जौगिया वाली में अमर सिंह यादव के कुएं पर निर्माणाधीन मकान में बुलवाया। शाम लगभग साढ़े 6 बजे डीकॉय मरीज से इशारा पाकर जब टीम ने छापा मारा तो चिकित्सक डॉ. अवधेश पांडे एक गर्भवती महिला की लिंग जांच कर भेज चुका था व दूसरे डीकॉय मरीज का लिंग जांच कर रहा था। टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी लेने पर चिकित्सक की जेब से हस्ताक्षर किए 4 हजार रुपए बरामद हुए। इसी दौरान दलाल सुनील कुमार व दूसरा दलाल खिड़की से कूदकर मौके से भागने लगे। एक दलाल तो भागने में सफल हो गया। जबकि दूसरा दलाल सुनील कुमार घर के ही एक कोने वाले कमरे में रजाईयों के ढेर के नीचे दुबक गया। किन्तु अचानक उसको छींक आ गई। जिसके चलते ढूंढ रही टीम ने उसे दबोच लिया।
 
आरोपी को छिपाने वाला भी गिरफ्तार
मकान  मालिक अमर सिंह व उसके भांजे अजीत सिंह को अपने मकान में अवैध कार्य की इजाजत देने व आरोपी को छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस  कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसएचओ पाटन पुलिस को भी टीम का हिस्सा बनाया।

छह महीने में पकड़े पांच केस
डॉ. अश्वनी कुमार वर्मा ने छह महीने पहले पीएनडीटी का चार्ज लिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी एक विजिलेंस टीम बनाई। जिसके माध्यम से लिंग जांच करने वालों पर शिकंजा कसा। पिछले छह महीनों में महेंद्रगढ़ जिले में तीन चिकित्सकों को लिंग जांच करते हुए पकड़ा। जबकि एक चिकित्सक को रेवाड़ी मेें दबोचा गया।
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