पूर्व हेड कैशियर राजबीर पर एक और मामला दर्ज, पुलिस कर रही हैं मामले की जांच
महेंद्रगढ़। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के पूर्व हेड कैशियर एवं ज्वाइंट कस्टोडियन पर पुलिस ने बुधवार को देर शाम एक और मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस वीरवार को भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। पुलिस का कहना है कि इस मामले में पुलिस रिकार्ड जुटा रही है।
बैंक प्रबंधन जितेंद्र ने मंगलवार देर शाम को दी शिकायत में बताया था कि वह राव तुलाराम चौक पर स्थित पटियाला बैंक में बतौर मैनेजर कार्य कर रहे थे, अब इस बैंक को सिनेमा रोड स्थित एसबीआई बैंक में मर्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजबीर 15 अक्तूबर 2016 तक उनके बैंक में बतौर हैड कैशियर के रूप में काम कर चुका है। इस दौरान उसने बैंक का करोड़ों रुपये का गबन कर दिया। बैंक उपभोक्ता विश्वास पर आरोपी राजबीर के पास अपने पैसे जमा करवाने आते तो वह जमा न कर अपने पास ही रख लेता था। इसकी उन्हें कोई रसीद भी नहीं देता था। उच्च अधिकारियों को इस मामले की जानकारी होने के बाद वो जांच में जुट गए थे। पहले 4.76 करोड़ रुपये और उसके बाद अब 1 करोड़ 41 लाख, 93 हजार 554 रुपये गबन मिला। साथ ही उसने फर्जी रिकार्ड के लिए बैंलेंस बुक तैयार किया। पुलिस ने जितेंद्र के बयान पर पूर्व हैड कैशियर राजबीर तथा ज्वाइंट कस्टोडियन अनिल प्रकाश प्रभाकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पहले गबन में निकले थे 4 करोड़ 76 लाख रुपये
एसबीआई मैनेजर की शिकायत पहले भी दी जा चुकी है। जब इसकी जांच की गई तो लगभग 4 करोड़ 76 लाख रुपये का गबन मिला। आरोपी राजबीर लगभग एक महीने पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। किंतु आखिर में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर ही लिया। इस मामले में एक बैंक मैनेजर भी आरोपी रहा है। उसको भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिस पर केश अभी चल रहा है। ये सभी पैसे 35 उपभोक्ताओं के हैं जिन्होंने बैंक में अपनी शिकायत दे रखी है।
आरोपी की शिकायत हमारे पास बुधवार शाम को आ चुकी थी। इस मामले में पुलिस तफ्तीश करने को जुटी हुई है।
-थाना प्रभारी नवल किशोर।