अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम नारनौल के शहरी कार्यालय में निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से चहेते उपभोक्ताओं को लाखों रुपये गलत तरीके से रिफंड करके निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला सामने मेें आया है। मामले का खुलासा निगम के हिसार मुख्यालय द्वारा नियुक्त आंतरिक ऑडिट की टीम ने हिसार स्थित रेवेन्यू ऑडिट के मुख्य महाप्रबंधक को लिखे एक पत्र के बाद किया है। निगम द्वारा जिला महेंद्रगढ़ में नियुक्त ऑडिट पार्टी नंबर तीन की टीम ने पत्र निगम के नारनौल स्थित शहरी कार्यालय में 90 उपभोक्ताओं को गलत तरीके से रिफंड की गई राशि के ठोस कारण व प्रमाण ना मिलने पर लिखा है। ऑडिट टीम ने 70 लाख रुपये की डिटेल चेक करने की बात कहकर गलत तरीके से रिफंड करने का हवाला दिया है।
निगम के कर्मचारियों द्वारा चहेते उपभोक्ताओं के बिलों में से राशि घटाकर उनको यह फायदा किस उद्देश्य से पहुंचाया गया है। यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है, परंतु सोचने वाली बात यह है कि जिला महेंद्रगढ़ की आंतरिक ऑडिट टीम द्वारा यह स्पेशल पत्र रेवेन्यू ऑडिट के मुख्य महाप्रबंधक को दस महीने पहले 3 नवंबर 2017 को लिखा गया था। आज तक भी लाखों रुपये की इस राशि को रिकवर नहीं किया गया है।
जिला महेंद्रगढ़ की आंतरिक ऑडिट पार्टी नंबर तीन की टीम द्वारा मुख्य महाप्रबंधक को निगम के नुकसान बारे पत्र लिखने पर नारनौल निगम के अधिकारी हरकत में आए। नारनौल के कार्यकारी अभियंता ने 23 दिसंबर 2017 को नारनौल शहरी एसडीओ को रेवेन्यू ऑडिट के मुख्य महाप्रबंधक के पत्र का हवाला देते हुए एक पत्र क्रमांक 7448 लिखते हुए मामले में जवाब तलब किया। पत्र के साथ कार्यकारी अभियंता ने एसडीओ को उन 90 उपभोक्ताओं की सूची भी भेजी थी जिसमें सभी उपभोक्ताओं के मीटर नंबर, नाम और उनको रिफंड की गई राशि का ब्योरा दिया गया था।
पत्र में लिखा गया है कि यदि इस पत्र का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित अधिकारी को चार्जशीट भी किया जा सकता है। निगम के रेवेन्यू ऑडिट के मुख्य महाप्रबंधक और कार्यकारी अभियंता द्वारा इस तरह के पत्र लिखने के बाद भी निगम के शहरी कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अधिकारियों ने मामला में पकड़ में आने के बाद भी लाखों रुपये की गलत तरीके से रिफंड की गई इस राशि को वापस निगम के खजाने में जमा करवाने में आज तक कोई रुचि नहीं दिखाई है।
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विभाग की ऑडिट टीम ने उपभोक्ताओं को रिफंड की गई राशि के बारे पत्र लिखा था जिसे रिकवर करने के लिए लिखा गया था। रिफंड रिकवर नहीं किया गया है। इस कार्य के लिए ऑडिट का जानकार ही एक नया कर्मचारी लगा दिया गया है। अब इस राशि को रिकवर कर लिया जाएगा।
- मनोज यादव, कार्यकारी अभियंता बिजली निगम नारनौल।