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निजी अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ ईलाज में लापरवाही बरते पर हुआ मामला दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। गांव डुलाना रोड पर स्थित संतोष अस्पताल महेंद्रगढ़ के चिकित्सकों पर ईलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता सत्यवान शर्मा ने बताया कि 27 जुलाई को उसके सात वर्षीय लड़के दीपांशु को रात को बुखार हो गया था। उसका इलाज करवाने के लिए गांव सेहलंग के निजी क्लीनिक पर लेकर गया था। चिकित्सक ने उसका बुखार चेक किया तो उसको 107 डिग्री बुखार था। चिकित्सक ने बच्चे की गंभीर हालत देखते हुए उसे महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया था। जहां से वह दीपांशु को महेंद्रगढ़ के संतोष अस्पताल में ले आया। वहां डॉ. कृष्ण कुमार यादव ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। इसके बाद चिकित्सकों ने बच्चे की रात को ही कुछ जांच करवाई।
जांच आने के बाद जब उन्होंने पूछा तो चिकित्सकों ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है बच्चा ठीक हो जाएगा। परंतु सुबह के समय चिकित्सकों ने अचानक उसे रेवाड़ी एमआरआई के लिए भेज दिया। एंबुलेंस के द्वारा उसे रेवाड़ी ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता सत्यवान शर्मा ने यह भी बताया कि रेवाड़ी के चिकित्सकों ने बताया कि उसकी मौत दो घंटे पहले ही हो चुकी है। जबकि उन्हें रेवाड़ी पहुंचने में मात्र 40 मिनट का समय लगा था। उसने बताया कि उसके बच्चे की मौत संतोष अस्पताल महेंद्रगढ़ में ही हो चुकी थी।
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वर्जन
पुलिस के पास गांव स्याण निवासी सत्यवान की शिकायत आई थी। शिकायत के आधार पर संतोष अस्पताल के डॉ. कृष्ण यादव तथा डॉ. अशोक यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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- कैलाश चंद सोनी, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़।
वर्जन
मेेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। हमने बच्चे के इलाज पर पूरा ध्यान दिया था। इसके बाद रेवाड़ी के लिए रेफर किया था। रेफर के समय बच्चे को होश था और उसके परिजनों से हमने लिखित में भी लिया हुआ है। इसके अलावा एंबुलेंस के साथ हमारे स्टाफ सदस्य भी गया था।
- डॉ. कृष्ण कुमार, संतोष अस्पताल, महेंद्रगढ़।
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