नांगल चौधरी। गोरक्षा दल व नांगल चौधरी पुलिस ने सुबह करीब साढ़े 3 बजे गोकसी के लिए मेवात जा रहे गोवंश से भरे एक ट्रक को नांगल चौधरी-जैनपुर बाईपास के पास पकड़ लिया। पांच घंटे तक ट्रक गोरक्षक दल को घूमाता रहा। बाद में कांटे बिछाकर टायर फटने पर ट्रक को जैनपुर बाईपास पर काबू किया गया। ट्रक के अंदर 22 गोवंश थे जिनमें पांच की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर सभी गोवंश को बाबा मुकुंनदास गोशाला में भिजवा दिया गोतस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोरक्षा दल सदस्यों ने बताया कि रात को करीब 12 बजे सूचना मिली थी कि चला-चौकड़ी राजस्थान से एक ट्रक में गोवंश भरकर मेवात के लिए ले जाया जा रहा हैं। सूचना मिलने पर गोरक्षा दल नांगल चौधरी टीम विरेद्र गोठड़ी, कोटपुतली टीम, नारनौल गोरक्षा टीम, बजरंग दल सहित आसपास के सभी गोरक्षा दल टीम ने मिली लोकेशन के आधार पर गोवंश से भरे ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया लेकिन गोतस्करों को टीम द्वारा पीछा करने की भनक लगते ही गोतस्करों ने ट्रक को भगा लिया गया। यह ट्रक नीम का थाना से पाटन के रास्ते से बायल से मुसनौता होते हुए नांगल चौधरी की ओर होते हुए जैनपुर पहुंची। वहीं पर ट्रक को पकड़ा है।
रोड पर बिछाए गए थे कांटे
टीम ने नांगल चौधरी पुलिस को सूचित करने के साथ ही गोरक्षा दल के सदस्यों को जानकारी दी। नांगल चौधरी-जैनपुर बाईपास के पास पुलिस व गौरक्षा टीम सदस्यों ने रोड पर कांटे व अवरोधक डाल दिए। गोतस्करों ने उस पर भी ट्रक को नहीं रोका। कांटो की वजह से ट्रक का पिछला पहिया फट गया। पुलिस व टीम को देखकर गोतस्कर ट्रक को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब हो गये। पांच घंटे की मशक्त के बाद ट्रक को पकड़ा गया।
ट्रक में भरे थे 22 गोवंश, पांच मिले मृत
ट्रक को चेक करने पर 22 गोवंश मिले जिनको ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ था। इनमें पांच गोवंशों की मौत हो चुकी थी। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी रामनाथ व उनकी टीम ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर बाकी सभी 17 गौवंशो को नांगल चौधरी बाबा मुकुंनदास गऊशाला में छुड़वा दिए जबकि पांच गोवंशों को दफना दिया गया। सभी गोवंश उतारते समय सुन्न अवस्था में थे। अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोतस्करों ने उनको सुन्न करने का इंजेक्श लगाया होगा। इस अवसर पर आशु राजपूत, विक्रम लुजोता, राका ठाकुर, मन्नू शर्मा , सचिन सैनी, अंकित सैनी टीम वीरेंद्र सरपंच गोठरी, टीम गो रक्षा दल नारनौल, विक्रम सरपंच शहबाजपुर, रवि यादव कोटपुतली, हीरा पायला कोटपूतली, रोकी नारनौल, गबर लुजोता, गोतम, गुलशन, गोपश, राकेश नीमराना, मोहन अजीतगड़, सावरा शाहपुरा, जसराम, दीपक, महेश, जगन, अनिल, सचिन, अंकित दोस्तपुर, नवनीत दहिया, उदयसिंह, राकेश राजपूत सहित काफी गोरक्षा दल के सदस्य मौजूद रहे।
जान की परवाह किए बिना करते रोकते है गोतस्करी
सर्दियों के मौसम में खासतौर पर गोतस्कर सर्किय हो जाते है जो कि गोवंशों को गाड़ियों में बांधकर ले जाते हैं लेकिन गोरक्षा दल के सदस्य भी बिना अपनी जान की परवाह किए बिना इन गोतस्करों पर भारी पड़ते है। जब भी सूचना मिलती हैं तो बिना देरी किए गोमाता को बचाने की मुहिम में जुड़ जाते हैं और आए दिन गोरक्षा दल के सदस्यों की मुठभेड़ गोतस्करों के साथ होती रहती हैं लेकिन फिर भी गोमाता को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी तक लगा देते है।
कब्जे में ले लिया है ट्रक को
थाना प्रभारी रामनाथ ने बताया कि गौवंश से भरे ट्रक को पकड़ा गया हैं। जिसके पीछ़े गोरक्षा दल की टीमें लगी हुई थी। गोतस्कर ट्रक को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में कामयाब हो गए। पकड़ गए सभी गोवंशों को बाबा मुकुंनदास गोशाला में छुड़वाया गया हैं। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया हैं।