नारनौल सीजेएम अदालत ने तात्कालिक एसडीएम संदीप सिंह के दायर किए मानहानि के केस में सुनवाई करते हुए तात्कालिक मंत्री रहे विपुल गोयल को तलब किया है। इसमें अदालत ने 12 दिसंबर 2019 के दिन पूर्व मंत्री विपुल गोयल को अदालत में पेश होने का समन जारी किया है। आरोप है कि 2018 में जन परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने तात्कालिक एसडीएम कनीना संदीप सिंह के पिता बहादुर सिंह के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इधर, संदीप सिंह अब वीआरएस ले चुके हैं। महेंद्रगढ़ विधानसभा से चुनाव निर्दलीय लड़ते हुए उन्होंने 33 हजार वोट हासिल किए।
अधिवक्ता एसएस ढिल्लो ने बताया कि 20 सितंबर 2018 को नारनौल में जन परिवाद समिति की बैठक थी। इसकी अध्यक्षता तात्कालिक उद्योग मंत्री विपुल गोयल कर रहे थे। इसमें विपुल गोयल ने तात्कालिक एसडीएम संदीप सिंह के पिता पूर्व मंत्री बहादुर के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग किया। उन्होंने एसडीएम संदीप सिंह के बारे में कहा था कि मंत्री का बेटा है तो क्या हुआ, काम क्या उसका बाप करेगा। अधिवक्ता एसएस ढिल्लो ने कहा कि इस तरह से सभा में अपमान करना धारा 499 के तहत मानहानि के दायरे में आता है। संदीप सिंह ने 27 सितंबर 2018 को तात्कालिक मंत्री विपुल गोयल के खिलाफ सीजेएम की अदालत में मानहानि का केस दायर किया था। अधिवक्ता ने बताया कि इस केस में मीडिया कर्मी, अधिवक्ता व कुछ गणमान्य नागरिकों ने गवाही दी। आईपीसी धारा 500 व 504 के तहत तात्कालिक मंत्री विपुल गोयल को प्रथमदृष्टया आरोपी मानते हुए समन जारी किया गया है। सीजेएम प्रवेश सिंगला की अदालत ने 12 दिसंबर 2019 के लिए पूर्व मंत्री विपुल गोयल को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोष साबित होने पर दोषी दो साल की कैद व जुर्माना हो सकता है।
जन परिवाद की बैठक के दिन मैं अवकाश पर था : संदीप सिंह
पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने कहा 20 सितंबर 2018 को जन परिवाद समिति की बैठक के दिन वह अवकाश पर थे। उस समय वह एसडीएम कनीना के तौर पर तैनात थे। बैठक के एजेंडे में एसडीएम का कोई केस नहीं था। नगर पालिका के सचिव उपस्थित न होने पर एसडीएम के बारे में पूछा गया। तात्कालिक डीसी को भी मेरे अवकाश के बारे में जानकारी थी। पूर्वाग्रह से ग्रसित तात्कालिक मंत्री विपुल गोयल ने मेरे पिता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे। इसके बाद मैंने अदालत में केस डाला। केस डालने के बाद एक अक्तूबर 2018 को मुझे बिना कारण बताए सस्पेंड कर दिया गया।