महेंद्रगढ़। शहर के एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमितों को इलाज महानगरों में स्थित अस्पताल से भी महंगा हो रहा है। अस्पताल उपचार के नाम पर एक मरीज से 35 हजार रुपये प्रतिदिन ले रहा है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने निजी अस्पतालों के रेट निर्धारित किए हुए हैं। जबकि अस्पताल सरकार की ओर से निर्धारित रेटों से तीन गुणा पैसा ले रहा है। ऐसे में अमर उजाला ने सोमवार को पड़ताल की तो मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने इस बात का खुलासा किया। उक्त अस्पताल संचालक में उनके मरीज भर्ती है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल 35 हजार रुपये ऑक्सीजन स्पोर्ट बेड के वसूल रहा है। इसके टीम ने सबूत भी जुटाए। कई तीमारदार उनके मरीज भर्ती होने के डर से वो बोल नहीं रह। उन्हें डर है कि ऐसे स्थिति में मरीज को छुट्टी दे देंगे तो वे कहीं के नहीं रहेंगे। इतना ही नहीं अस्पताल के बाहर खुले में पीपीई किट फेंकी हुई थी। उसके आसपास ही लोग घूम रहे थे।
मई के पहले सप्ताह में ही मिली थी कोविड सेंटर की अप्रूवल
बता दें कि महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल को मई के पहले सप्ताह में प्रशासन की ओर से कोविड सेंटर की अप्रूवल जारी की थी। इसके बाद से अस्पताल में लगातार मरीज भर्ती हो रहे हैं। यहां दिल्ली तक के मरीज आ रहे हैं।
अस्पताल में 24 घंटे में हो चुकी है चार कोरोना संक्रमितों की मौत
उक्त अस्पताल में 24 घंटे में लगभग चार लोगों मौत हो चुकी हैं। आकोदा की ढाणी निवासी युवती, दौंगड़ी अहीर निवासी व्यक्ति, साउथ दिल्ली निवासी व्यक्ति की 7 मई को मौत हो गई थी। जबकि आकोदा निवासी एक महिला की मौत शनिवार की सुबह हो गई।
बाहर लगाया सरकारी रेट का पर्चा, अंदर ले रहे हैं तीन गुण रेट
निजी अस्पताल संचालक ने बाहर सरकार द्वारा जारी किए गए रेट का पर्चा लगाया हुआ है और उस पर रेट भी लिखे हुए हैं। जिसमें बेड चार्ज, आइसोलेशन वार्ड के 8 हजार प्रतिदिन, ऑक्सीजन स्पोर्ट आईसीयू के 13 हजार रुपये प्रतिदिन तथा वेंटिलेटर युक्त आईसीयू के 15 हजार रुपये हैं जबकि दवाइयों का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। लेकिन निजी अस्पताल में तो साधारण बेड तो मुश्किल से मिलते हैं। ऑक्सीजन स्पोर्ट बेड के 35 हजार रुपये तथा वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बेड के 45 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलावा मरीजों की आरटीपीसीआर की बजाय सीटी स्कैन करवाना पड़ रहा है। जिसके चार हजार रुपये प्रति स्कैनिगं के लिए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से निर्धारित रेट
कोविड 19 आइसोलेशन वार्ड - 8000/-प्रतिदिन
कोविड 19 आईसीयू -13000/- प्रतिदिन
कोविड19 आईसीयू विद वेंटिलेटर - 15000/- प्रतिदिन
केस 1: हिमांशु भगड़ना ने बताया कि उसकी मौसी सुमित्रा निवासी महेंद्रगढ़ को 6 मई को अरविंद अस्पताल में एडमिट करवाया था। यहां पर 30 हजार रुपये ऑक्सीजन बेड के तथा 40 हजार रुपये वेंटिलेटर बेड मांगे थे। उन्होंने 30 हजार रुपये देकर ऑक्सीजन स्पोर्ट बेड लिया था और दो घंटे बाद ही उसकी मौसी की मौत हो गई।
केस 2 : सचिन निवासी रसूलपुर ने बताया कि हम सुबह 6 बजे हमारे मरीज सोमवीर को उपरोक्त अस्पताल में लेकर आए थे। हमने खाली बेड के बारे में पूछा तो एक बार तो उन्होंने कहा कि खाली नहीं है। बाद में कहा कि 35 हजार रुपये जमा करवा दो दस मिनट में बेड खाली करवा देंगे। इसके अलावा चिकित्सक ने सीटी स्कैन के टेस्ट भी लिखे हैं।
केस3: नाम न छापने पर तीमारदार ने बताया कि वह आकोदा निवासी ब्रहमदत्त को तीन चार दिन पहले अरविंद अस्पताल में भर्ती करवाया था। उनका मरीज कोविड पॉजिटिव था। हमसे प्रतिदिन 35-35 हजार रुपये ऑक्सीजन बेड के लिए जा रहे हैं।
सीटी स्कैन वालों ने मचा रखी है लूट
सीटी स्कैन वालों ने भी लूट मचा रखी है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को इसकी भी पड़ताल की। हुड्डा पार्क के पास एक निजी अल्ट्रासाउंड एवं सीटी स्कैन केंद्र पर गए तो काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी से सीटी स्कैन चेस्ट के कीमत जानी। महिला कर्मचारी ने बताया कि चेस्ट सीटी स्कैन के चार हजार रुपये लगेंगे। जब उसको बताया कि सरकार ने इसके रेट निर्धारित कर रखें हैं तो उसने बताया कि यहां सरकारी रेट नहीं चलते यह निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र है।
उपायुक्त की अगुवाई में एक कमेटी बना रखी है। अगर किसी की शिकायत आई तो अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार, सिविल सर्जन, महेंद्रगढ़।