नारनौल। जिला प्रशासन महेंद्रगढ़ विश्वव्यापी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने तथा संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करवाने के लिए रणनीतिक तरीके से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन पूरी रूपरेखा बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराया जा रहा है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। यह सब योजनाबद्ध तरीके से चले इसके लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चेयरमैन एवं उपायुक्त अजय कुमार दिनभर फील्ड में रहकर तथा देर रात तक अपने कैंप कार्यालय से स्थितियों पर नजर रखते हैं।
नागरिक अस्पताल में स्थापित होगा 500 एलपीएम क्षमता का पीएसए प्लांट
ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए नागरिक अस्पताल नारनौल में पीएसए प्लांट (प्रेशर स्विंग ऐडजरप्शन ऑक्सीजन प्लांट) लगाया जाएगा। 500 एलपीएम क्षमता के इस प्लांट की मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस प्लांट की खासियत है कि ये गैस को गैस में ही कन्वर्ट करता है और हवा से ऑक्सीजन को लेकर सीधा अस्पतालों में पंप कर देता है। वहीं दूसरी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) बड़े प्लांट में कूलिंग मेथड से बनते हैं जिसे गैस से लिक्विड में बदला जाता है। उसके बाद क्रायो टैंकर के जरिए अस्पतालों के टैंक में डाला जाता है। पीएसए प्लांट 4 हफ्ते में तैयार होता है और एक हफ्ते में स्थापित किया जा सकता है। दरअसल ऑक्सीजन की ट्रांसपोर्टेशन भी एक बड़ी समस्या है। इसी समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने इसकी मंजूरी दी है।
-आरटी पीसीआर लैब स्थापित होने के बाद 24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
जिला प्रशासन द्वारा रेवाड़ी की एक प्राइवेट लैब से भी करार किया गया है ताकि रिपोर्ट जल्द से जल्द आ सके। वहीं जिले की रामपुरा पीएचसी में भी आरटी पीसीआर टेस्ट लैब के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इस पर भी जल्द कार्य शुरू हो जाएगा। उसके बाद 24 घंटे में कोरोना की रिपोर्ट मिल सकेगी। शुरुआत में यहां 500 सैंपल की रिपोर्ट मिलेगी। बाद में इसकी क्षमता बढ़ा दी जाएगी।
-शनिवार को जिले को 3.5 एमटी ऑक्सीजन मिली
जिले के लिए शनिवार को एक बड़ी राहत भरी खबर यह आई है कि राज्य सरकार ने शनिवार को जिले को 3.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी है। शुरू में इस जिले को एक मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी गई थी जिसे बाद में 2 मीट्रिक टन किया गया था। इसके बाद 2.5 मीट्रिक टन की गई। जिला प्रशासन की मांग पर शनिवार को 3.5 एमटी ऑक्सीजन सप्लाई दिया गया है। हालांकि इसमें दो या तीन पॉइंट का लाइन लॉस भी शामिल है। जिला के निजी अस्पतालों सहित सरकारी अस्पताल में लगातार ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। फिलहाल जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
रेडक्रॉस करवाएगी ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था
होम आइसोलेटेड मरीजों के लिए घर पर ही ऑक्सीजन मुहैया करवाने के लिए तैयारियां की जा रही है। इसके लिए मरीज या उनके परिजनों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले में जिला परिषद के सीईओ इसके नोडल अधिकारी होंगे। वहीं जिला रेडक्रॉस सचिव विभिन्न एनजीओ तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को साथ लेकर इस कार्य को अंजाम देंगे। आवेदक को आवेदन करने के दौरान आधार नंबर और ऑक्सीजन लेवल के लिए ऑक्सीमीटर का फोटो भी अपलोड करना होगा। मरीज की उम्र और पता लिखवाना अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नंबर से एक दिन में एक बार ही आवेदन किया जा सकेगा। यह सुविधा दो-तीन दिन बाद सुचारू रूप से काम करना शुरू कर देगी। वहीं दूसरी तरफ महेंद्रगढ़ के आसपास के नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में 20 ऑक्सीजन युक्त बेड स्थापित किए गए हैं। फिलहाल वहां पर कोरोना संक्रमित 6 मरीज भर्ती हैं।
-लॉकडाउन की सख्ती से पालना के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात
जिले में लॉकडाउन तथा कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट तय किए गए हैं। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तथा चालान काटे जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में इंसीडेंट कमांडर के तौर पर कार्य कर रहे हैं वहीं ओवरऑल इंचार्ज अतिरिक्त उपायुक्त हैं।