महेंद्रगढ़। गांव लावण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर कथावाचक पंडित कुलदीप भारद्वाज महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के 24 अवतारों कीकथा सुनाई जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने के विचारों पर नियंत्रण ही आनंदमय जीवन की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है जिसमें 84 लाख योनियों के रूप में अनेक प्रकार के जीव रूपी फूल खिले हुए हैं। जब-जब कोई व्यक्ति अपने गलत कर्मों से इस बगीचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तब-तब भगवान इस धरती पर अवतार लेकर सज्जनों की रक्षा और दुष्टों का संहार करते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने समुद्र मंथन का उदाहरण देते हुए कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। इसमें चलने वाले अच्छे और बुरे विचार ही देवता और दानव के समान मंथन करते हैं। जब अच्छे विचार जीतते हैं तो जीवन में सुख, शांति और आनंद मिलता है लेकिन जब बुरे विचार हावी हो जाते हैं तो जीवन दुख और कष्टों से भर जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि मनुष्य को हमेशा अपने विचारों पर नियंत्रण रखना चाहिए और बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीतकर जीवन को सुखमय बनाना चाहिए।
पंडित जी ने यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 3 जुलाई तक चलेगा। 4 जुलाई को हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई जाएगी। इस अवसर पर रामभक्त यादव, सुजान सिंह, कृष्ण यादव सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे और कथा का आनंद लिया।