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सुबह धूप निकलने के बाद भी शीतलहर का रहा प्रकोप

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सोमवार सुबह सूर्योदय के समय नारनौल में छाया हल्का कोहरा। संवाद - फोटो : ??????
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बिन मौसम रिकॉर्ड बारिश होने के बाद प्रदेश में कोल्ड-डे की स्थिति रही। सोमवार को दिनभर शीतलहर चली। तेज धूप भी उसके असर को कम नहीं कर पाई। धूप में भी लोग ठिठुर रहे। सोमवार को प्रदेश में महेंद्रगढ़ सबसे ठंडा तो नारनौल दूसरे नंबर पर रहा। महेंद्रगढ़ का दिन का तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री तथा न्यूनतम तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई है। वहीं नारनौल का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नारनौल में न्यूनतम तापमान में 5.1 डिग्री तथा अधिकतम तापमानम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
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राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। सोमवार सुबह से आसमान साफ है, लेकिन ठंड में इजाफा हुआ है। इलाके में एक बार फिर से उत्तरी बर्फीली हवाओं की वजह से मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आज कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग ने पूरे इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है। आज पूरे सूबे में सबसे ठंडा जिला महेंद्रगढ़ पहले स्थान पर महेंद्रगढ़ और दूसरे स्थान पर नारनौल रहा है।
शीत लहर के बाद कोहरे का रहेगा प्रकोप
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हवाओं की गति अधिक होने की वजह से कोहरा और धुंध में कमी है, लेकिन वर्तमान में वातावरण में नमी भरपूर मात्रा में मौजूद है। हवाओं की गति में कमी आने पर कोहरा में बढ़ोतरी होगी। आगे आने वाले तीन-चार दिनों में हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर तापमान में गिरावट जारी रहेगी, जिसकी वजह से लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। इस बार कंपकंपाती सर्दी दिसंबर के साथ-साथ जनवरी औैर फरवरी में भी पड़ेगी।
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एक सप्ताह रहेगा मौसम साफ
अगले एक सप्ताह मौसम अब साफ और शुष्क ही रहेगा। संपूर्ण सूबे में बर्फीली उत्तर पश्चिमी हवाएं चलेगी। आज हवा में नमी का स्तर 95 से 100 प्रतिशत रहा है। जबरदस्त बारिश की गतिविधियों ने किसानों की फसलों को अमृत वरदान दिया है। और हरियाणा एनसीआर में बढ़े हुए प्रदूषण से मुक्ति मिलीं है, जिसकी वजह से पूरे इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। इसके अलावा दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा का जलस्तर में वृद्धि हुई है।
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