फोटो 23सीएम फ्लाइंग जांच में धौलेड़ा अस्पताल में मिली दवाइयां।संवाद
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नारनौल। निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव धौलेड़ा में स्वास्तिक अस्पताल नाम से चल रहे अस्पताल में बिना किसी रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
मौके पर मौजूद डॉक्टर के पास न तो कोई डिग्री थी और न ही अस्पताल का कोई वैध दस्तावेज। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी, नारनौल गुप्तचर विभाग, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम और ड्यूटी मजिस्ट्रेट ज्ञानवीर सिंह मैनेजर एचएसआईआईडीसी के नेतृत्व में पहुंची। टीम के साथ डॉक्टर पवन छिल्लर स्वास्थ्य विभाग नारनौल व डॉक्टर ललित मोहन आयुर्वेद अधिकारी भी मौजूद रहे।
छापेमारी के दौरान श्रवण कुमार निवासी कैमला अस्पताल में मरीजों का इलाज करते पाए गए। जब टीम ने अस्पताल से जुड़े दस्तावेज मांगे तो कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में सामने आया कि उसके पास न तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन था और न ही एलोपैथी इलाज की कोई डिग्री।
उसने बताया कि वह आयुर्वेद का डॉक्टर है, लेकिन मौके पर एलोपैथी की दवाइयां मरीजों को देते हुए पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की शिकायत थाना निजामपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उड़नदस्ता निरीक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी।
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सीएम फ्लाइंग की तरफ से चिकित्सक की डिमांड की गई थी। इसके बाद डॉ. पवन को सीएम फ्लाइंग के साथ भेजा गया था। जांच में जो भी सामने आएगा उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन नारनौल।