एक साल में सरकार के सामने कई चुनौतियां आईं है और सरकार इनका सामना करन के लिए पूरी तरह तैयार है। इन बातों का उल्लेख मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यहां 143 करोड़ की लागत से नहरों के पंप हाउस की मरम्मत करने के लिए जेएनएल फीडर के पुनर्वास प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के बाद आयोजित रैली को संबोधित करते हुए किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल में सरकार के सामने कभी फसल खराब, कभी बरसात न होने, कभी सफेद मक्खी का प्रकोप, कभी अध्यापकों की नियुक्ति मामले और कभी अन्य बड़े प्रोजेक्टों के मामले में चुनौतियां मिली हैं। प्रदेश सरकार ने इनका बेहतर तरीके से सामना करते हुए उन्हें दूर किया है। अब इन सबसे आगे विकास करने का समय आ गया है। सरकार पूरी रफ्तार के साथ विकास में जुट गई है। इस एक साल में सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं और उन फैसलों पर काम होना भी शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार ने बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ दिए थे, अब इन्हें भरा जा रहा है।
बीजाई को मिलेगी 10 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल में बिजली की चुनौती भी बड़ी चुनौती है। कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण बिजली की समस्या बनी हुई थी। बड़ी मुश्किल से चुनौती को दूर किया और कई बड़ी योजनाएं और स्कीम बिजली के लिए लाई गईं। अब किसानों को रोजाना आठ घंटे बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मौसम बीजाई का है। इसलिए किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि बीजाई के दिनों में किसानों को आठ की बजाय 10 घंटे बिजली दी जाएगी, ताकि किसान अपनी फसल को अच्छे से बो सके।
फंड की नहीं है कोई कमी
सीएम ने कहा कि प्रदेश में फंड की कोई कमी नहीं है। पैसों के अभाव में कोई भी विकास कार्य अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार के पास विकास के लिए खूब पैसा है, बस जरूरत है तो पैसों का सही इस्तेमाल करने की। उन्होंने कहा कि पहले एक रुपये सरकार से चलता था तो उसका 15 पैसे ही इस्तेमाल हो पाता था, मगर अब वे चाहते हैं कि उस पूरे पैसे से विकास हो। इसके लिए सोशल आडिट करवाई जाएगी। इसमें जनता के कुछ नुमाइंदे जैसे सरपंच, नंबरदार, पूर्व सैनिक, पूर्व अध्यापक आदि की एक कमेटी बनेगी जो राशि का पूरा हिसाब किताब रखेगी। सरकार बिजली के बढ़े हुए बिलों में राहत देगी, मगर इसमें ज्यादा बदलाव की गुंजाइश नहीं है। प्रदेश के उन सभी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित होंगे जहां पर कोई भी उद्योग नहीं हो। प्रदेश में 30 ऐसे ब्लाक हैं, जहां पर कोई भी इंडस्ट्रीज नहीं है। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सहकारिता मंत्री विक्रम सिंह ठेकेदार, डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, सांसद धर्मवीर सिंह, विधायक ओमप्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।