संवाद न्यूज एजेंसी
कनीना। कनीना से रेवाड़ी की तरफ जाने वाले मार्ग पर प्रतिदिन 25 हजार से अधिक वाहनों के गुजरते हैं। इस दौरान धूल के गुबार उड़ने से 500 से अधिक दुकानदार और स्थानीय लोग परेशान हैं। शिकायत के बाद भी मार्ग की मरम्मत नहीं की गई है।
कनीना-रेवाड़ी मार्ग कई जगह सड़क ही उखड़ कर गायब हो गई है। सड़क के स्थान पर रेत मिट्टी होने से वाहनों की गुजरने के दौरान धूल के गुबार उठते हैं। रेवाड़ी-कोसली-कनीना मोड़ से लेकर भड़फ तक मार्ग की हालात और भी खराब हो गई। आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सुबह, शाम, दोपहर जब भी वाहनों की संख्या बढ़ती है। सड़क मार्ग दिखाई नहीं देता क्योंकि धूल के गुबार उठते रहते हैं। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। करीरा मार्ग के सामने तो वाहनों को सड़क की बजाय कच्ची पगडंडी से गुजारना मजबूरी बन गई है। पगडंडी पर पैदल चलने वालों के लिए आफत बन गई है कोई सुनने वाला नहीं है।
लोग बोले-
रेवाड़ी मार्ग अति महत्वपूर्ण मार्ग है, जो दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद जाने के लिए सबसे सुगम मार्ग है। इसकी हालात जर्जर हो गई है। अगर इस मार्ग को पुन: निर्मित कर दिया जाए तो सड़क पर दुर्घटनाओं से लोगों को बचाया जा सकता है। धूल उड़ने से आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। चूंकि दुकानदारों की दुकानों में भारी धूल घुस जाती है। मजबूरी में दुकानों के शीशे लगवाने पड़ रहे हैं क्योंकि वाहनों को पगडंडी से चलाना पड़ रहा है इसलिए दुर्घटनाएं घट रही हंै। - हरेंद्र शर्मा, कस्बावासी
कनीना-रेवाड़ी मार्ग का सिर्फ नाम ही रह गया है। इस पर तो रोड़ी बची है, जगह-जगह गड्ढे बन गये हैं, आवागमन परेशानी बन गई है। सड़क मार्ग की सुध ली जाए। ताकि बारिश के समय में जो सड़क जर्जर हो गई थी, वह ठीक किया जा सके। यह सड़क मार्ग आज के दिन सबसे बदहाल में है। - अनूप यादव, कान्हा सिंह मोर्चा अध्यक्ष
वर्तमान समय में रेवाड़ी मार्ग की सबसे अधिक आवश्यकता दिल्ली एवं चंड़ीगढ जाने के लिए होती है। इस मार्ग के बन जाने से विकास को नये आयाम लग जाएंगे। इस मार्ग की जरूरत अब बढ़ती ही जा रही है। इस मार्ग के बनने से धूल से भी निजात मिल जाएगी। - हेमराज कस्बा वासी
रेवाड़ी से कनीना तक की दूरी करीब 34 किलोमीटर है। यह सड़क मार्ग अति महत्वपूर्ण है क्योंकि कनीना को दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ता है। ऐसे में इस मार्ग की सुध लेना बहुत जरूरी है। लंबे समय से सड़क मार्ग खराब हालत में पड़ा है। बार-बार अधिकारी ठीक करने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। - नीरज यादव, चौधरी मार्केट प्रधान