नारनौल में रविवार को छाए बादल। संवाद
नारनौल। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में लगातार बदलाव और तापमान में गिरावट देखने को मिल रहा है। 27-28 नवंबर के दौरान सीमित स्थानों पर बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। जैसे ही यह मौसम प्रणाली आगे निकलेगी उसके बाद 29 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से 29-30 नवंबर और 1 दिसंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और तेज गति से हवाएं चलने की गतिविधियां होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से संपूर्ण इलाके पर बादलवाही देखने को मिल रही है। वर्तमान परिदृश्य में एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय हो रहा है, परंतु पश्चिमी जेट के दक्षिणायन होने से दक्षिणी और मध्य राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के क्षेत्रों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी दर्ज हो रही है। वहीं, हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक असर देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से 27-28 नवंबर के दौरान सीमित स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। उन्होंने बताया कि 29 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली 29-30 नवंबर और 1 दिसंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, तेज गति से हवाएं चलने और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना बन रही है। इन मौसम प्रणालियों से तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। इसके बाद इलाके में कड़ाके वाली ठंड अपने तीखे तेवरों से आगाज करेगी। साथ ही कोहरा अपने रंग दिखाएगा।