महेंद्रगढ़ में जिला कार्यालय स्थापित किए जाने के बारे में उपमंडल अधिकारियों को लिखा गया एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें जिले का नामकरण नारनौल किए जाने के अलावा चरखी दादरी की तर्ज पर महेंद्रगढ़ में जिला स्तर के कार्यालय खोले जाने पर रिपोर्ट मांगी गई है। उपायुक्त अजय कुमार की ओर से सभी एसडीएम, तहसीलदार को यह पत्र भेजा गया है। सामाजिक संगठनों ने इसे महेंद्रगढ़ वासियों के साथ सरकार का नया षड़यंत्र बताया। इस लेटर जरिए लोगों का आक्रोश शांत करने का प्रयास किया जा रहा है।
महेंद्रगढ़ जिले का नाम नारनौल किए जाने के बारे में राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने उपायुक्त से राय मांगी है। जिसमें डीसी सभी सरपंचों की राय/रिपोर्ट भेजेंगे। जिले का नाम बदलने की इस प्रक्रिया को लेकर क्षेत्रवासियों में गुस्सा फूट गया। सामाजिक संगठन इसके विरोध में उतर आए। आंदोलन का एलान कर दिया। बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर दूसरा लेटर वायरल हुआ। जो उपायुक्त की ओर से महेंद्रगढ़, कनीना, नारनौल के एसडीएम को जारी किया गया है।
इस लेटर में जिले का नाम बदलने, चरखी दादरी की तर्ज पर महेंद्रगढ़ में जिला स्तर के कार्यालय स्थापित करने, सतनाली, अटेली एवं नांगल चौधरी को नए सब डिवीजन बनाने, नांगल सिरोही, दौंगड़ा अहीर, राता कलां, भुंगारका एवं बलाह कलां को उप तहसील बनाने के प्रपोजल पर राय/रिपोर्ट मांगी गई है। लेटर में लिखा है कि यह जानकारी दक्षिण हरियाणा विकास लोक मंच रेवाड़ी जिला रेवाड़ी से प्राप्त पत्र मांगी गई है।
उपायुक्त की ओर से जारी लेटर का जनता के विरोध को शांत करने के लिए एक सोची समझी साजिश है। यह लेटर दक्षिण हरियाणा लोक विकास मंच रेवाड़ी के ज्ञापन के आधार पर सभी एसडीएम को भेजा है। अगर सरकार ऐसा करना चाहती तो यह लेटर चंडीगढ़ से आता। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी संस्था के ज्ञापन पर उपायुक्त ने सभी एसडीएम को लेटर को भेजा। महेंद्रगढ़ की जनता को गुमराह कर दिया जाए कि महेंद्रगढ़ में सभी अधिकारी बैठेंगे।
- कुलदीप यादव, पीआरओ, सरताज जन सेवा ग्रुप, महेंद्रगढ़
उपायुक्त की ओर से जारी लेटर मिथ्या है। जनता को बरगलाने का कार्य किया जा रहा है। लेटर में कहीं भी सरकार का कोई हवाला नहीं है। उप मुख्यमंत्री की नाम बदलने को लेकर गहन दिलचस्पी है। सारा खेल वही खेल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ऐसा पाए तो वो इतिहास बदल देंगे। यहां के विधायकों के कारण क्षेत्र की यह दशा है। जनता आंदोलन शुरू करती है तो महिलाएं उनके साथ रहेंगी।
- डॉ. शोभा यादव, सामाजिक कार्यकर्ता, महेंद्रगढ़
सोशल मीडिया पर वायरल किया गया लेटर सरासर झूठ है। लेटर में कोई सच्चाई नजर नहीं आती। क्षेत्र के लोगों को शांत करने करने तथा आंदोलन रोकने के लिए यह ड्रामा किया जा रहा है। महेंद्रगढ़ की जनता इस मामले में बिल्कुल चुप नहीं बैठेगी। पहले भी कई बार सरकार विश्वास घात कर चुकी है। सरकार ऐसा कर महेंद्रगढ़ के इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रही है। जो बर्दाश्त से बाहर है।
- रमेश सैनी, सदस्य, जन कल्याण मंच महेंद्रगढ़
महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदल कर नारनौल करने की कवायद की जा रही है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर इसका विरोध किया था। नाम बदलाने की बात आ रही हैं। जो गलत है। अगर सरकार नारनौल को अलग जिला बनाना चाहे तो बना सकती है। महेंद्रगढ़ जिले साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- राकेश कुमार उर्फ गौतम बुडीन, जिला पार्षद, महेंद्रगढ़।
वर्जन
सरकार ने आठ दस प्रपोजल मांगे हैं। इन प्रपोजल में जिले का नारनौल का नामकरण करने तथा महेंद्रगढ़ में जिला कार्यालय बनाए जाने का प्रस्ताव भी है। तहसील, उपमंडलों के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है। इस संबंध में सभी एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद सरकार के पास भेज दी जाएगी।
- अजय कुमार, उपायुक्त, महेंद्रगढ़