मंडी में लगातार बढ़ रही उठान की समस्या के चलते किसानों को अपना बाजरा फड़ पर डालने के लिए छह घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी में 45 हजार बैग का उठान बकाया है। पूरी अनाज मंडी में चारों ओर बाजरे के बैग ही बैग नजर आ रहे हैं। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद ही मंडी में प्रवेश मिल पा रहा है।
पिछले पांच दिन से महेंद्रगढ़ की अनाज मंडी में बाजरे का उठान धीमी गति से चल रहा है। जिस कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय अनाज मंडी में करीब 22 हजार क्विंटल बाजरा पड़ा हुआ है। बाजरा उठान नहीं होने के कारण मंडी में जगह नहीं बची। फड़ पर बाजरा डालने के किसानों को 5 से 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। समय पर अपना बाजरा डालने के लिए किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुुबह 5 बजे ही अनाज मंडी में पहुंचना शुरू हो जाते हैं। सुुबह 8 बजे टोकन की प्रक्रिया शुरू होती है।
किसानों को सुबह तीन घंटे मंडी के बाहर इंतजार करने के बाद प्रवेश मिलता है। पांच बजे आए किसानों को दस बजे तक प्रवेश मिलता है। मंडी प्रशासन की ओर से हर एक वाहन की जांच के बाद ही गेट पास जारी किया जा रहा है। मंडी में हर एक वाहन की जांच की जा रही है। गेट पास जारी करने के समय पंजीकरण वाले किसान का मौजूद होना अनिवार्य है। कुछ लोग दूसरों का टोकन लेकर पहुंच रहे थे। जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी।
खबर के बाद जांच हुई सख्त
अमर उजाला ने वीरवार के अंक में राजस्थान का बाजरा महेंद्रगढ़ की मंडियों में बिकने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। राजस्थान से ट्रक में बाजरा लाकर उसे महेंद्रगढ़ में ट्रैक्टर ट्राली में भरकर मंडी में पहुंचाने का खुलासा किया था, जिसके बाद मंडी प्रशासन हर एक टोकन की जांच कर रहा है।