नेशनल हाईवे 152 डी के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीन की मुआवजा राशि की बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 52 दिनों से गांव बाघोत में धरने पर बैठे किसानों ने डिप्टी स्पीकर संतोष यादव के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया। शुक्रवार को संतोष यादव धरने पर पहुंची। उन्होंने भरोसा दिया कि अन्य जिलों की तरह महेंद्रगढ़ जिले के किसानों को मुआवजा राशि दी जाएगी।
नारनौल से गंगहेड़ी, कुरूक्षेत्र तक नेशनल हाइवे 152 डी ग्रीन कोरिडोर बनाया जाएगा। यह ग्रीन कॉरिडोर महेंद्रगढ़ जिले के गांव पोता, बाघोत, सेहलंग, खेड़ी, तलवाना, धनौंदा, पाथेड़ा, बूचावास, नांगल अकबरपुर, झगड़ोली, खेड़ा, मेघनवास, सुरजनवास, चितलांग, देवास, भालखी, अटाली, सीहमा, सागरपुर, जाट गुवाना, खतरीपुर, दुबलाना, गुवानी, छपड़ा सलीमपुर व सराय बहादुरनगर से गुजरेगा। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। एनएचएआई एवं भू-राजस्व अधिकारी जमीन का अवार्ड वितरित करने की योजना बना रहे हैं। किसानों का मानना है कि अन्य जिलों में मुआवजा राशि बढ़ाकर दी जा रही है। महेंद्रगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। मुआवजा राशि की मांग को बढ़ाने के लिए 8 जुलाई को क्षेत्र के किसान गांव बाघोत में धरने पर बैठ गए थे। शुक्रवार को डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने उनको आश्वासन दिया कि उनकी मांग पूरी करवाई जाएगी। धरने पर बैठे किसानों ने उनकी डिप्टी स्पीकर की बात मानते हुए धरने को स्थगित करने का ऐलान कर दिया।