नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठे नपा सफाई कर्मचारी
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नगर पालिका के 78 कर्मचारी तीसरे दिन वीरवार को भी हड़ताल पर रहे। अब पालिका कर्मियों ने हड़ताल को दो दिन के लिए बढ़ा दिया है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण बाजार में चारों ओर कचरा नजर आने लगा। प्रमुख चौराहों पर कूड़े के ढेर दिखाई दिए।
नगर पालिका कर्मी पिछले तीन दिन से हड़ताल पर हैं। जिस कारण शहर में कहीं पर भी कचरा नहीं उठाया जा रहा। बाजारों, प्रमुख सड़कों, चौराहों पर कचरा नजर आ रहा है। कचरे के कारण हर एक नागरिक परेशान है। दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी सहनी पड़ रही है। नगर पालिका के रिकार्ड के अनुसार शहर से रोजाना 20 टन कचरा निकलता है। पिछले तीन दिन में 60 टन कचरा शहर से नहीं निकला। यह कचरा शहर की सड़कों पर ही बदबू मार रहा है। पालिका के 53 कच्चे और 25 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की मांगों को नहीं माने जाने पर उन्होंने हड़ताल को दो दिन बढ़ा दिया है। अब शुक्रवार व शनिवार को भी नगर पालिका के सफाई कर्मी नहीं आएंगे। ऐसे में नागरिकों को सफाई के लिए इंतजार करना होगा।
नगर पालिका में डोर टू डोर कचरा एकत्र करने की टैंपो सेवा पिछले करीब छह महीने से बंद है। टैंपो चालकों को वेतन नहीं दिए जाने पर उन्होंने ड्यूटी बंद कर थी। नगर पालिका कर्मियों के वेतन को लेकर पिछले करीब दो साल से परेशानियां चल रही हैं।
नपा कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें पीएफ की जानकारी भी नहीं दी जा रही। सफाई यूनियन के उपप्रधान पंकज ने कहा पिछले तीन साल से उनका कितना पीएफ जमा हो रहा है। इसका ब्योरा कोई नहीं दे रहा। कर्मियों के पीएफ को हड़पा जा रहा है। कर्मचारियों को पीएफ नंबर तक नहीं बताया जा रहा।