जिले का नाम महेंद्रगढ़ बदलकर किया जाए नारनौल : व्यापारी
- व्यापारियों ने सीएम को पत्र लिखकर नाम बदलने की मांग की
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माई सिटी रिपोर्टर
नारनौल। नगर के व्यापारियों ने वीरवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिला महेंद्रगढ़ का नाम बदलकर जिला नारनौल रखने की मांग की है।
बता दें कि वर्षों से जिला महेंद्रगढ़ का मुख्यालय नारनौल ही रहा है। नारनौल में जिले के तमाम छोटे बड़े अधिकारी व उनके कार्यालय नारनौल में हैं। नारनौल ही जिले का राजनीतिक, संस्कृति व आर्थिक केंद्र भी रहा है। जिले की भौगोलिक स्थिति भी उसके जिला मुख्यालय का समर्थन करती है। यही नहीं नारनौल तीन राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा नारनौल जिले के मध्य होने के कारण आवागमन सुलभ व सहज है। क्षेत्रफल के आधार पर भी नारनौल सबसे काफी बड़ा है। लघु सचिवालय भवन, पुलिस लाइन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पासपोर्ट केंद्र, जिला न्यायालय, जिला अस्पताल, जिला सैनिक विश्राम केंद्र, डाक घर और तमाम जिला स्तर के कार्यालय नारनौल में ही विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं। इन सब के बावजूद भी जिले को कुछ नहीं मिला तो वह जिला नारनौल का नाम है।
व्यापारियों की मांग है कि जिला महेंद्रगढ़ का नाम बदलकर जिला नारनौल रख दिया जाए। नाम बदलने की यह कार्रवाई सरकार पहले भी कर चुकी है। सत्यमेवपुरम से मेवात और मेवात से नूहं तक नाम बदले जा चुके है। जिला मुख्यालय नारनौल से बदलकर किसी अन्य स्थान पर किया जाता है तो हजारों करोड़ रुपयों का नुकसान होगा। जब सब कुछ नारनौल में ही स्थित है तो जिले का नाम भी जिला नारनौल किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार करने की मांग की है। पुल बाजार के व्यापारियों ने अन्य सामाजिक संगठनों से भी अनुरोध किया जाएगा कि इस मामले में मुख्यमंत्री महोदय से मिलकर जिले का नाम नारनौल रहने की मांग का समर्थन करें। पत्र भेजने वालों में हजारी लाल, नत्थुराम जांगिड़, मुकेश सैन, संजय शर्मा, शशि भारत, सुरेंद्र निर्मल, नरेश, रामकिशन सोनी, विकास, गोपाल सैनी, सतवीर सिंह, राजेश गर्ग, अनिल गर्ग, अमित गुप्ता, मान सिंह, महेश मित्तल, सचिन बंसल, मिठन संघी, मनीष गर्ग और अनेक लोग शामिल रहे।