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बवाना-बसई के 550 एकड़ में भरा पानी, फसल बचाने के लिए पानी की निकासी में जुटे किसान

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गांव बवाना तथा बसई में करीब 550 एकड़ में बरसाती पानी भर गया है। कपास की खेती में तीन दिन बाद भी पानी की निकासी नहीं होने से कपास की फसल को नुकसान होने की आशंका हो गई है। जिसके बाद किसानों ने पानी निकासी के लिए अपने स्तर पर ही प्रयास शुरू कर दिए हैं। ट्रैक्टर के जरिए किसान अपने खेतों से पानी निकाल रहे हैं।
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बुधवार को आई मानसून की पहली जोरदार बरसात का पानी तीन दिन बाद भी नहीं निकल सका। गांव बवाना में भरजुट रोड पर काफी एरिया में पानी भरा हुआ है। बवाना माइनर के साथ लगते खेतों में भी जलभराव है। इसी गांव में खेड़ी की ओर लगते खेतों में पानी भरा हुआ है। बसई गांव में डिस्ट्रीब्यूटरी एरिया, आकोदा की ओर लगती जमीन में पानी भरा हुआ है। जिसमें कपास और बाजरा की फसल में ज्यादा पानी भर गया है। दरअसल कपास की फसल में लगातार पानी भरा रहा तो कपास में नुकसान हो जाएगा। ऐसे में अपनी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने पानी निकासी के लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। ट्रैक्टर के जरिए किसान पानी निकालकर दूसरी ओर डाल रहे हैं। कुछ किसान बोरवेल में पानी को डाल रहे हैं।
हमारे गांव में हर साल सैकड़ों एकड़ में जलभराव हो जाता है। मालड़ा गांव की ओर से आने वाला पानी यहां आकर भर जाता है। जिससे फसलों के खराब होने का डर बना हुआ है। कुछ लोगों ने अपने घर खेतों में बनाए हुए है। इन लोगों के घरों को भी नुकसान हो रहा है।
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- सतीश, गांव बसई।
यह पानी सड़क के उपर से गुजरते हुए नहर के साथ साथ निकलता है। कई बार पानी से नहर का पुल भी पानी के बहाव से टूट जाता है। मालड़ा की ओर से आने वाला पानी गांव के अंदर तक घुस जाता है। नहर विभाग की ओर से कोई काम नहीं किया गया।
- कैलाश, गांव बसई।
हमारे गांव में पानी निकासी की बड़ी समस्या है। लोगों की ओर से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। पानी भराव होने से फसल बर्बाद हो जाती है। पानी के कारण कई बार अगली फसल की बिजाई भी प्रभावित हो जाती है। सरकार की ओर से व्यवस्था की जाए।
- गज्जू सिंह, गांव बसई ।
गांव में नहर तथा सड़क के साथ लगते खेतों में जलभराव है। पानी की निकासी न होने के कारण फसलों के खराब होने की आशंका है। इस बारे में सरकार को अनुरोध कर चुके हैं। किसान हर साल फसल का नुकसान सह रहा है। इसके बाद भी समाधान नहीं किया गया।
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- सोमदत्त शर्मा, गांव बवाना
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