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रात को चौड़ा तो दिन में सिकुड जाती हैं शहर की सड़कें।

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महेंद्रगढ़। शहर की सड़कें दिन में संकरी हो जाती हैं और रात को फिर से चौड़ी हो जाती हैं। इसका मुख्य कारण है अतिक्रमण। जिन सड़कों की चौड़ाई रात में 30 से 35 फीट रहती हैं, दिन में संकरी होकर 15 फीट की रह जाती हैं। यह तो केवल पुल बाजार का उदाहरण है। कमोवेश यही हाल शहर के दूसरे बाजारों का भी है।
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अन्य मार्केट की सड़कों की चौड़ाई जहां 45 से 50 है, वहां मात्र 15 से 20 फीट रह जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दुकानदार सामान बाहर रखकर अतिक्रमण तो करते ही हैं। इसके बाद उनके आगे गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। इससे अच्छी खासी चौड़ी सड़क एक गली का रूप ले लेती है। इसके अलावा सड़कों पर कहीं रेहड़ीवाले खड़े होते हैं, तो कहीं फड़ी वाले दुकान सजा लेते हैं। बाजार में आने वाले ग्राहक भी कम नहीं हैं। वे वाहनों को बीच सड़क पर खड़ा कर शॉपिंग के लिए दुकान में चले जाते हैं। इससे आम लोगों और पैदल यात्रियों का वहां से गुजरना दूभर हो जाता है। शहर के सिंघाना रोड, महाबीर चौक से पुल बाजार, अग्रसेन चौक से सिविल अस्पताल, आजाद चौक, माणक चौक, कटला बाजार, महाबीर चौक से चिंकारा कैंटीन, पार्क गली आदि स्थानों पर भारी अतिक्रमण किया हुआ है। नगर परिषद प्रशासन भी अतिक्रमण हटाने के लिए सिर्फ खाना पूर्ति करता है। पांच-छह महीने में दो से तीन दिन अभियान चलाकर समाप्त कर देता है। प्रशासन की ओर से अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे शहर की सड़कें अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाती हैं।
इंसेट
पार्किंग की नहीं है सुविधा
शहर में वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं है। इससे लोगों को वाहन खड़ा करने में दिक्कत होती है। लोग खरीदारी के लिए सड़कों पर ही वाहन खड़ा करने को विवश हैं। अगर शहर में पार्किंग के लिए स्थान निर्धारित होता तो सड़कों पर लोग वाहन नहीं खड़ा करते, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इस समय शहर में एक नहीं बल्कि बड़े नगरों की तर्ज पर हर बाजार में पार्किंग की सुविधा कराई जानी चाहिए।
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यह हो सकता है समाधान
-शहर के प्रमुख बाजारों में किसी भी प्रकार के वाहनों की एंट्री पर बैन कर सकते हैं।
-ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों पर भी हो नियम लागू।
दुुकानों के बाहर पीली पट्टी खींच कर पाबंद कर देना चाहिए। पट्टी से बाहर होने पर चालान किया जाना चाहिए।
- नप को व्हाट्सअप नंबर जारी करना चाहिए ताकि अतिक्रमण की फोटों खींचकर उस पर भेजी जा सके।
- सेफ्टी के लिए जगह-जगह पुलिस तैनात किया जाए।
- त्योहारी सीजन में पैदल ही बाजार आएं।
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शहरवासी वाले
बाजार में सड़क संकरी हो चुकी है। दुकानदारों ने पांच से दस फीट नीचे सामान तथा ऊपर धूप एवं बारिश से बचने के लिए पर्दा लगाया हुआ है। पुल बाजार में तो चौपहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन ले जाते समय ही बहुत दिक्कत होती है।--नंद किशोर शर्मा
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अतिक्रमण शहर की मुख्य समस्या है। इस वजह से बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कें 40-40 फीट चौड़ी हैं, लेकिन अतिक्रमण की वजह से आधी ही रह जाती हैं। प्रशासन को औपचारिकता नहीं बल्कि सख्ती से काम करना चाहिए।-जसपाल
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शहर में पार्किंग नहीं होने की वजह से भी अतिक्रमण बढ़ रहा है। प्रशासन को वाहनों को खड़ा करने के लिए पहले उचित स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। जब रोड पर पार्किंग नहीं होगी तो आधे से ज्यादा रोड चौड़े हो जाएंगे। दुकानदार भी अतिक्रमण नहीं करेंगे।-नवीन
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वर्जन:
समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते रहते हैं। शिकायत आने के बाद भी कार्रवाई की जाती है। जल्द ही एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।- अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन, नगर परिषद।
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वर्जन:
इस समय शहर में ट्रैफिक बहुत बढ़ गया है, लेकिन शहर में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। लोग दुकानों के बाहर वाहन खड़ा कर इधर-उधर चले जाते हैं। जिससे दुकानदारों को भी परेशानी होती है। नप प्रशासन को प्रत्येक बाजार में एक पार्किंग की व्यवस्था करानी चाहिए। इसको लेकर नप चेयरपर्सन से मिलकर बातचीत करेंगे और व्यापारियों की मीटिंग लेकर उसमें भी चर्चा करेंगे।- बजरंग लाल अग्रवाल, प्रधान व्यापार मंडल, नारनौल।
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