संदीप पुनिया दूसरी ओर संदीप की पत्नी गीता को मिठाई खिलातीं महिलाएं।
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हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव सुरहेती जाखल निवासी सुबेदार संदीप पुनिया ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर जिले का ही नहीं देश का भी मान बढ़ाया है। रविवार को जब बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में दस हजार मीटर की पैदल चाल स्पर्धा में संदीप के कांस्य पदक जीतने की सूचना मिली तो परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। परिवार ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
संदीप पूनिया के पिता 70 वर्षीय प्रीतम सिंह सुबह से ही घर से बाहर रहे। उन्हें अपने बेटे पर भरोसा था कि वह पदक जरूर जीतेगा। उन्होंने सुबेदार संदीप पुनिया की पत्नी गीता पुनिया से कहा था कि जब बेटा पदक जीते तो बता देना। वह टीवी नहीं देख पाएंगे क्योंकि मुकाबले के दौरान आने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान वह भावुक हो जाते हैं। उन्हें जब पता चला कि बेटे ने पदक जीता है तो वे खुशी से झूम उठे।
वर्ष 1930 में शुरू हुए राष्ट्रमंडल खेलों के 92 वर्ष के सफर में जिले को कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता तक नहीं पहुंच पाया था। संदीप पुलिस ओलंपिक में भाग लेने वाले जिले के पहले खिलाड़ी हैं। संदीप पूनिया ने पहले भी ओलंपिक में भाग लेकर जिले की पहचान बनाई थी।
जीत का जश्न मनाते।
फरवरी 2021 में रांची में आयोजित हुई 8वीं नेशनल रेस वॉकिंग चैंपियनशिप -2021 में संदीप पूनिया ने 20 किलोमीटर पैदल चाल में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने 1 घंटा 20 मिनट 16 सेकेंड में 20 किलोमीटर की दूरी तय की थी। राष्ट्रमंडल खेलों में संदीप ने कांस्य पदक जीत कर जनपदवासियों के 92 वर्षों से पदक के इंतजार को खत्म कर दिया।
पत्नी गीता बोलीं, कांस्य पदक जीतना भी गौरव की बात
संदीप पूनिया की पत्नी गीता पूनिया ने कहा कि आज का दिन जिले के लिए गर्व का दिन है। संदीप के स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने का मलाल है लेकिन राष्ट्रीय स्पर्धा में जिले को कांस्य पदक मिलना भी गर्व की बात है। बताया कि पहले पांच किलोमीटर कीवॉक रेस में वह पहले स्थान पर चल रहे थे। इसके बाद सात किलोमीटर तक रजत पदक की दौड़ में रहे लेकिन महज कुछ ही कदमों से चूकगए। उन्हें गर्व है कि देश की झोली में पदक तो आया।
दो बार ओलंपिक में भी कर चुके हैं देश का प्रतिनिधित्व
जाट रेजिमेंट के सुबेदार संदीप पूनिया दो बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इससे पहले वह 2016 रियो ओलंपिक में 50 किलोमीटर पैदल चाल में भाग ले चुके हैं। उस समय मौसम की वजह से उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था तथा 33वीं रैंक मिली थी। वर्ष 2021 के दौरान टोक्यो ओलंपिक में भी भाग लिया था। पूनिया ने यह मुकाम हासिल करने के लिए प्रतिमाह 1000 किलोमीटर वॉक रेस का अभ्यास किया था।