नारनौल। शहर की प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका का करीब 90 लाख रुपये की लागत से कराया गया जीर्णोद्धार अब नियमित रखरखाव के अभाव में फीका पड़ने लगा है। कुछ माह पहले आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाई गई यह वाटिका अब बदहाल हो गई है।
पार्क में लगाया गया 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज पोल लंबे समय से बिना तिरंगे के खड़ा है जबकि रात में आकर्षण का केंद्र रही फैंसी लाइटें कई पोल से गायब हो गई और बंद पड़ी हैं जिससे रात के समय पूरा परिसर अंधेरे में डूबा रहता है और यहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
वाटिका में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित है। घास काफी बढ़ चुकी है, कई कूड़ेदान टूट गए हैं और जगह-जगह गंदगी दिखाई देने लगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने पार्क के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च तो किए लेकिन उसकी नियमित देखरेख के लिए स्थायी कर्मचारियों की तैनाती नहीं की। इसका परिणाम यह है कि पार्क की सुविधाएं धीरे-धीरे खराब होती जा रही हैं और लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा।
वर्ष 2025 में अग्रसेन समाज और शहरवासियों की मांग पर नगर परिषद ने इस वाटिका का व्यापक जीर्णोद्धार कराया था। यहां वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए बेंच, ओपन जिम, आकर्षक लाइटिंग, दो हट, कूड़ेदान और राष्ट्रीय ध्वज के लिए 100 फुट ऊंचा पोल स्थापित किया गया था।
शुरुआत में यह पार्क लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। जीर्णोद्धार के बाद अग्रसेन समाज ने इसकी देखरेख की जिम्मेदारी समाज को सौंपने की मांग भी की थी, लेकिन परिषद से अनुमति नहीं मिल सकी।
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
इसे बारे में वार्ड पार्षद मोहनलाल शर्मा ने बताया कि वे चितवन वाटिका में घास कटवाने व कर्मचारी की तैनाती को लेकर नियमित रूप से मांग कर रहे है। परंतु नप अधिकारी द्वारा रविवार से एक कर्मचारी तो नियुक्त कर दिया गया है। इसकी साफ-सफाई व टूटी लाइटों और कूड़ादान की ओर अभी कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
वर्जन:
शहर के सभी पार्कों की नियमित देखरेख के लिए परिषद स्तर पर योजना तैयार की जा रही है। चितवन वाटिका में एक कर्मचारी की तैनाती तो कर दी गई और इसकी साफ-सफाई सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं को भी जल्द ठीक करवाया जाएगा।-जोगेंद्र सिंह कालीरामणा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल।