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तेज रफ्तार और शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों के घर पहुंचेगा चालान

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नारनौल। अगर आप तेज रफ्तार और शराब पीकर गाड़ी चला रहे हैं और ट्रैफिक पुलिस के रुकवाने के बाद भी नहीं रुक रहे तो सावधान हो जाएं। जिला ट्रैफिक पुलिस के पास नई इंटरसेप्टर गाड़ी आ गई है। इस वाहन में अत्याधुनिक तकनीक के कैमरा, मशीन कंप्यूटर सहित कई उपकरण लगे हुए हैं। इससे करीब 2 किमी. दूरी से तेज गति से आ रहे वाहन की गति सीमा का पता लगाया जाता है। ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले हर वाहन चालक पर अब ट्रैफिक पुलिस की नजर रहेगी और गलती पाए जाने पर उनके घर पर चालान पहुंच जाएगा।
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शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन के निर्देशानुसार ट्रैफिक पुलिस थाना एसएचओ निरीक्षक सत्यनारायण और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने नई इंटरसेप्टर गाड़ी का शुभारंभ भी कर दिया है। इस गाड़ी की खासियत ये है कि खराब मौसम, बारिश और कोहरे में भी नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की लापरवाही रिकॉर्ड कर सकेगी। ओवरस्पीड से लेकर अन्य लापरवाही मिलने पर पुलिस के पास चालक और गाड़ी की हर गतिविधि हाई रेजुलेशन के साथ वीडियो रिकॉर्ड होगी, वहीं कलर प्रिंट फोटो के साथ ऑनलाइन चालान काटकर उसी समय चालक के एड्रेस पर भेजा जाएगा। इसके अलावा इस गाड़ी के ऊपर एक वाटरप्रूफ कैमरा लगा है, जो चारों तरफ घूम सकता है। गाड़ी के अंदर बैठा अधिकारी चालान की कार्रवाई के दौरान अपने पुलिसकर्मियों की वाहन चालकों के साथ की जा रही हर मूवमेंट को लाइव देख सकता है। गाड़ी के ऊपर कैमरे के साथ ही एक एलईडी स्क्रीन लगी है, जिस पर ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी फ्लैश होती रहेगी।
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शराब की मात्रा चेक करके फोटो के साथ चालान रसीद निकलेगी
सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाते हुए कोई चालक मिलेगा तो अब उसकी शराब पीने की मात्रा चेक करके रसीद के साथ उसका फोटो भी आएगा। इससे कोई भी चालक यह नहीं कह सकता कि उसको चेक किए बिना रसीद निकाली गई है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यदि 100 एमएल से अधिक मात्रा में शराब पी हुई होगी तो उसे सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा और हिरासत में लेकर केस दर्ज किया जाएगा।
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इस तरह चालकों को पकड़ेगी गाड़ी
हालांकि ओवर स्पीड के वाहनों को पकड़ने के लिए पुलिस हाईवे पर खड़ी होती है, मगर एकसाथ कई वाहन आने से ओवर स्पीड वाहन ट्रेस नहीं हो पाते हैं। ऐसे में यातायात पुलिस से अधिकांश चालक बच निकलते हैं। वहीं नई इंटरसेप्टर वाहन में उच्च क्षमता के कैमरे लगे हैं। पूरी तरह डिजिटल कार के सामने से गुजरने वाले वाहनों की कुछ क्षणों में ही पूरी जांच कैमरे में कैद हो जाएगी। वाहन की रफ्तार, चालक द्वारा लगाई जाने वाली सीट बेल्ट, हेलमेट, ड्राइविंग के समय मोबाइल फोन पर बात या फिर शराब के नशे में गाड़ी चलाने इत्यादि के अपराध यह वाहन तत्काल पकड़ लेगी।
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हाईवे पर इस तरह तय है स्पीड
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हाईवे पर सात सीटर गाड़ी तक 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन को चलाया जा सकता है। सात सीटर से ऊपर हल्के और भारी वाहन 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकते हैं। इससे अधिक रफ्तार से चलने वाली गाड़ी का ओवरस्पीड का चालान होगा।
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वर्जन
यातायात पुलिस के पास नई इंटरसेप्टर गाड़ी आने के बाद शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों व स्पीड की निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाने वालों का चालान की जाएगा, वहीं उन पर लगाम लगेगी। नई इंटरसेप्टर गाड़ी के अंदर अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। जिनकी मदद से पुलिस शहर की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाएगी।
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- सत्यनारायण, यातायात थाना प्रभारी, जिला महेंद्रगढ़।
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