इस बार चैत्र नवरात्र 30 मार्च रविवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र आगमन को लेकर लोगों ने भी माता रानी के पूजन सामान की खरीदारी शुरू कर दी है। माता रानी के पूजन के सामान को लेकर शहर में जगह-जगह करीब एक सौ दुकानें लगी है। इन दुकानों पर अब नवरात्र के आगमन को देखते हुए खरीदारी भी जोरों पर चल रही है। सभी दुकानों पर माता के पूजन सहित शृंगार आदि का सामान बेचा जा रहा है। शहर की सभी दुकानें माता रानी की विभिन्न प्रकार की चुनरी से सजी हुई है और लोग माता को नवरात्र में प्रसन्न करने के लिए इनकी खरीदारी कर रही हैं।
दुकानों पर ये बेची जा रही हैं पूजन सामाग्री
शहर में नवरात्र को लेकर सजी दुकानों पर माता की चुनरी 10 रुपये से 300 रुपये तक मिल रही। वहीं प्रसाद 30 रुपये अढाई सौ ग्राम, श्रृंगार का सामान 10 रुपये से 100 रुपये तक, कपूर 10 से 50 रुपये तक, रोली पांच रुपये पाउच, मोली 10 रुपये से 30 रुपये तक, नारियल 40 रुपये, माता रानी की तस्वीर 20 रुपये, गंगाजल 20 रुपये बोतल, सिंदूर 5 रुपये पाउच, शहद 10 रुपये, इत्र 10 रुपये बोतल सहित इस बार माता रानी को विराजमान करने के लिए माता की चौकी भी आ रही जो 250 रुपये की बिक रही है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। इसे लेकर आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि इस दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। इस दिन से ही मां भगवती के पावन नवरात्र भी प्रारंभ होते हैं। 30 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है जो 6 अप्रैल को संपन्न होंगे। इस वर्ष मैय्या रानी के नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं, इसलिए माता हाथी पर सवार होकर आएंगी। शास्त्रों में देवी की हाथी की पालकी को बहुत शुभ माना गया है। आचार्य क्रांति निर्मल के अनुसार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा और सुबह 12 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगा। घट स्थापना की शुभ अवधि 04 घंटे 38 मिनट की है। कलश स्थापना का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर प्रारंभ होगा और दोपहर 12 बजकर 55 मिनट समाप्त होगा। अभिजित मुहूर्त की कुल अवधि 48 मिनट रहेगी।