फोटो नंबर-05नागरिक अस्पताल नारनौल।
नारनौल। जिले में भी कैंसर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अभी जिले में एक भी कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। इसके चलते से मरीजों को गुरुग्राम, दिल्ली व जयपुर जैसे बड़े शहरों की तरफ जाना पड़ रहा है।
हालांकि कैंसर बीमारी की जांच सुविधा नारनौल के नागरिक अस्पताल में भी है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग तीसरे व चौथे स्टेज के पास जांच करवाने पहुंचते हैं। इस वजह से स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाता है और उनकी मौत हो जाती है। जिले में चार-पांच साल पहले तक 200 से 250 लोग कैंसर बीमारी से पीड़ित मिलते थे, वहीं अब बीते दो साल से कैंसर मरीजों की संख्या दुगुनी हो रही है।
एफएनएसी से होती है कैंसर की जांच
नागरिक अस्पताल में एफएनएसी जांच होती है। इसके माध्यम से कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता चल जाता है। इसका पता लगाने के लिए एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) जांच आवश्यक होती है। इस जांच में एक बारीक सुई से गांठ की भीतरी सतह को कुरेदकर उसमें मौजूद कोशिकाओं को उसी सुई के जरिए निकाला जाता है। इसके बाद माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।
खेतों में दवाओं का ज्यादा छिड़काव बढ़ा रहा कैंसर मरीज
अब जिले में भी किसान उत्पादन बढ़ाने के चक्कर में अनेक प्रकार की दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। जिसकी वजह से प्रतिवर्ष कैंसर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पहले कैंसर के मरीज बहुत कम मिलते थे। वहीं अब दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है।
जिले में कैंसर के किस वर्ष कितने रोगी मिले...
साल मरीज
2019-20 325
2020-21 226
2021-22 310
2022-23 433
2023-24 509
2024-25 508
नागरिक अस्पताल में एफएनएसी की जांच होती है। अगर किसी भी व्यक्ति के शरीर पर गांठ दिखाई दे तो वह नागरिक अस्पताल में जांच करवा सकता है। लोगों को इस मामले में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कैंसर का समय पर पता चल जाए तो वह जल्द स्वस्थ हो सकता है।
डॉ. शिवांगी पाराशर, पैथोलॉजिस्ट नागरिक अस्पताल नारनौल।