नारनौल। सदियों पुराने ज्ञान से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरियाणा के अभिलेखागार विभाग ने हर जिले में पांडुलिपियों की पहचान, प्रलेखन और संरक्षण के लिए अभियान चलाएगा। इसके लिए अभिलेख दान अभियान के माध्यम से आम जन को अपने पास सुरक्षित ऐतिहासिक पत्रों, मानचित्रों और पुरानी तस्वीरों को राज्य अभिलेखागार को सौंपने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इसको लेकर हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसके बाद उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि पांडुलिपियों की पहचान, प्रलेखन और संरक्षण के लिए जिलास्तरीय कमेटियों का गठन किया जाएगा।
डीसी ने बताया कि महेंद्रगढ़ जैसे ऐतिहासिक महत्व वाले जिले में जहां अनेक प्राचीन मंदिर, मठ, पाठशालाएं और व्यक्तिगत संग्रह मौजूद हैं, वहां यह अभियान विशेष रूप से प्रभावी रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत सरकारी पुस्तकालयों के साथ-साथ निजी संस्थानों और धार्मिक स्थलों में रखी प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़-पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों का भौतिक सत्यापन कर उनकी जियो-टैगिंग की जाएगी।
हरियाणा के अभिलेखागार विभाग को इस मिशन के लिए राज्य नोडल विभाग नियुक्त किया गया है जो सीधे तौर पर केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ समन्वय कर 15 जून तक इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण को पूरा करेगा।