नारनौल। नारनौल डिपो ने बीते छह माह में 15 नए बस रूट शुरू कर यात्रियों को राहत दी है। इनमें 10 ग्रामीण व छोटे रूट और पांच लंबे रूट शामिल हैं। अब डिपो धार्मिक और प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी में है। इसके तहत आगरा, हरिद्वार, मथुरा और वृंदावन के लिए नई बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इन रूटों के लिए परमिट की प्रक्रिया जारी है।
इस वर्ष के अंत तक आगरा, हरिद्वार, मथुरा और वृंदावन के लिए नियमित बस संचालन शुरू होने की उम्मीद है। बीते छह माह में नारनौल डिपो ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए कई नए रूटों पर बसें चलाई हैं।
इनमें नारनौल से चित्तौड़गढ़ और सालासर के लिए सीधी बस सेवा शुरू की गई है। इसके अलावा झज्जर होते हुए नारनौल-दिल्ली और नांगल चौधरी से खाटू श्याम तक भी बस संचालन शुरू किया गया है। नए रूट शुरू होने से यात्रियों को दूसरे शहरों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में काफी सुविधा मिली है।
इस साल बेड़े में शामिल होंगी 10 नई बसें
नारनौल डिपो को मौजूदा वर्ष में 10 नई बसें मिलने की संभावना है। पिछले वर्ष भी डिपो को करीब 25 नई बसें मिली थीं, लेकिन बीएस-4 श्रेणी की 16 बसें संचालन से बाहर होने के कारण बसों की वास्तविक संख्या में केवल नौ की बढ़ोतरी हुई थी। फिलहाल डिपो के पास 137 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। नई बसें मिलने के बाद अतिरिक्त रूट शुरू करने और समय पर बस सेवाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
कई गांव अब भी बस सेवा का कर रहे इंतजार
जिले के कई गांवों में अभी भी नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। कुछ स्थानों पर केवल सुबह के समय ही बस चलती है। कुलताजपुर और ढोसी धाम सहित कई गांवों के ग्रामीण लंबे समय से नियमित बस संचालन की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बस सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें शहर आने-जाने के लिए निजी वाहनों से लिफ्ट लेनी पड़ती है या ऑटो में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाओं के विस्तार की मांग लगातार उठ रही है।
वर्जन :
जनवरी से जून तक 10 छोटे व ग्रामीण और 5 लंबे रूट पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। 6 माह में कुछ धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के लिए बस संचालन शुरू करने की योजना है। साल के अंत तक नारनौल डिपो को करीब 10 नई बस मिलने की भी संभावना है, जिससे आमजन को सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी।-देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।