नारनौल। नांगल चौधरी और निजामपुर रूट पर शाम करीब सात बजे के बाद बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निजामपुर रूट के गांव कारोली, मारोली, घाटासेर, धनौता, मौखुता, बसीरपुर व जोरासी और नांगल चौधरी रूट के गांव ढाणी बाठोठा, मांदी, टहला व धौलेड़ा सहित अनेक गांवों के लोग नौकरी, खरीददारी, स्वास्थ्य जांच, पढ़ाई आदि के लिए नारनौल आते हैं। वहीं गांव के अनेक युवा दिल्ली, गुरुग्राम, मानेसर व बावल में कार्य करते हैं, लेकिन शाम के समय बसों का संचालन नहीं होने के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इन रूट पर केवल सीमित बसों का ही संचालन किया जाता है, जिस कारण अधिकतर लोग ऑटो से आवागमन करते हैं। लेकिन शाम 7 बजे बाद इन रूट पर ना ही ऑटो संचालित रहते हैं और ना ही बसों का संचालन किया जाता है। इस कारण लोग ट्रक, बाइक और गाड़ी सवार लोगों से लिफ्ट लेकर गांव तक पहुंचते हैं।
कई बार दो से तीन किलोमीटर तक पैदल सफर तय करना पड़ता है। जिस कारण केवल कुछ मिनटों का सफर तय करने में घंटों लग जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने नारनौल डिपो से शाम के समय बस के संचालन को बढ़ाने की मांग की है।
वर्जन :
प्रयास है कि बसों का संचालन नियमित हो। बीते माह जैलाफ से नारनौल, भोजावास से कुंड और नारनौल से रेवाड़ी के लिए बसों को बढ़ाया गया था। आमजन बसों के संचालन की मांग नारनौल डिपो कार्यालय में रख सकते हैं। इसके बाद रूट का निरीक्षण कर आय व व्यय का हिसाब बनाया जाता है। अगर उचित संख्या में यात्री भार रहता है तो बसों के संचालन को मांग अनुसार बढ़ाया जाता है।
मनोज कुमार शर्मा, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।