नारनौल से सटे गांव ढाणी किरारोद अफगान में सांड़ ने एक बुजुर्ग महिला को उठाकर फेंक दिया। हादसे में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। हमले की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
महिला के बेटे नत्थूराम ठेकेदार ने बताया कि 12 अप्रैल की शाम करीब छह बजे उसकी मां अंची देवी (95) वापस घर को लौट रही थी। इसी दौरान घर के बाहर गली में सांड़ ने उठाकर करीब दस फीट दूर फेंक दिया। सांड़ के सींगों से मां के पेट में गंभीर चोट आई थी। ठेकेदार ने बताया कि उपचार के लिए स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। पहले मां के कुल्हे का उपचार रेवाड़ी के डॉक्टर से कराया गया था। इस पर 13 अप्रैल को रेवाड़ी में डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर को दिखाकर शाम को वापस लौट रहे थे कि बीच में मां ने दम तोड़ दिया। 14 अप्रैल को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वीरवार को परिजनों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। इससे पता चला कि सांड ने बुजुर्ग को उठाकर पटक दिया था। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। बेसहारा सांड़ से बुजुर्ग की मौत के बाद गांव के लोगों में जिला प्रशासन और नगर परिषद के प्रति भारी रोष है। गांव के बलवंत सिंह, पूर्व सरपंच विजय कुमार, प्रताप सिंह, मदन लाल, श्रीचंद ठेकेदार, आशीष सैनी व ताराचंद्र ने बताया कि बेसहारा सांड़ों की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की जानकारी में मामला लाने के बाद भी सांड़ों के प्रति जिला प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव अब नगर परिषद में शामिल हो चुका है, इसलिए नप अधिकारियों को बेसहारा सांड़ों को पकड़कर बाडे़ या गोशालाओं में पहुंचाना चाहिए, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
पांच महिलाओं को किया था घायल
बेसहारा सांड़ों के मामले में नारनौल जिला प्रशासन और नगर परिषद गंभीर नहीं है, लेकिन आम जनता सांड़ों से त्रस्त है। 14 मार्च को सांड़ों ने नारनौल के मोहल्ला सलामपुरा में एक विवाह समारोह के कार्यक्रम भी पांच महिलाओं को घायल कर दिया था। हादसे में कुछ महिलाओं को तो गंभीर चोंटे आई थीं, लेकिन संयोग ही था कि किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था। हादसे के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन समस्या जस की तस है। महिला पार्षद संगीता शर्मा के प्रतिनिधि पिंटू शर्मा ने बताया कि शहर और वार्ड में आवारा सांड़ों व गोवंश की शिकायत लिखित रूप में प्रशासन व सीएम विंडो में कर चुके हैं, लेकिन, इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
महेंद्रगढ़ का मामला सुर्खियों में रहा था
जिले में बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या है। नारनौल में एक साल पहले सांड़ एक दुकान में घुस गया था। काफी मशक्कत के बाद से बाहर निकाला जा सका। कई बार लोग इनकी चपेट मे आने से घायल हो चुके हैं। महेंद्रगढ़ में एक बुजुर्ग महिला व उसके बेटे को सांड़ द्वारा पटकने का वीडियो इंटरनेशनल मीडिया में छा गया था। ऐसे में वहीं महेंद्रगढ़ में भी बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या है। जिले में करीब दो दर्जन गोशालाएं हैं। इसके बाद भी बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या बनी हुई है।
बेसहारा पशुओं और नंदी को पकड़ने के लिए एजेंसी को देखा जा रहा है। जिससे ऐसे पशुओं को गोशाला में भेजा जा सके।
भारती सैनी, चेयरपर्सन नप नारनौल