महेंद्रगढ़। करीब सात साल पहले 4.45 करोड़ रुपये से बना जिलास्तरीय स्वीमिंग पूल आज खुद पानी के लिए तरस रहा है। खिलाड़ियों को तैराकी की बेहतर सुविधा देने के लिए तैयार हुए इस परिसर में तालाब सूखा पड़ा है...बोर बनाए गए, पर पानी नहीं निकला। दावे और दौरे हुए लेकिन जमीनी हालात जस के तस हैं।
टीम ने जब परिसर का निरीक्षण किया तो तालाब में पानी नहीं मिला। लाइटें और पोल टूटे हुए थे, भवन में खरपतवार उगी हुई थी और खिड़कियों-दरवाजों में दीमक लग चुकी है। ट्रैक और बाउंड्री का काम भी अधूरा है।
लड़कों और लड़कियों के लिए बने शौचालयों की हालत भी खराब है। शीशे, वॉशबेसिन, सीट और यूरिनल टूटे हुए हैं और दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के तरणताल की घोषणा कांग्रेस शासन में हुई थी।
भाजपा शासन में इसका निर्माण पूरा हुआ, लेकिन क्षेत्र के युवाओं को आज तक इसका स्थायी लाभ नहीं मिल सका। पानी की व्यवस्था के लिए बोर तो बनाए गए, मगर पानी नहीं निकला। विभाग और प्रशासन, दोनों स्तर पर इसे चालू करने पर ध्यान नहीं दिया गया।
विधायक के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरे हालात
हाल ही में विधायक ने परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए थे लेकिन जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिखा। दौरे और आश्वासनों के बाद भी अगर तालाब सूखा है और भवन खस्ताहाल है, तो कार्रवाई की प्रगति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जरूरत दावों की नहीं, बल्कि मौके पर काम की है। संबंधित अधिकारियों को पानी की व्यवस्था, ट्रैक, बाउंड्री, बिजली और भवन की मरम्मत को प्राथमिकता देनी होगी।
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वर्जन:
स्वीमिंग पूल में 17 लाख रुपये की लागत से बोरवेल बनवाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं खराब लाइटें, टूटे शीशे ठीक करवाना सहित मरम्मत को लेकर नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश देकर इसे जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।
-कंवर सिंह यादव, विधायक, महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:55- महेंद्रगढ़ स्वीमिंग पूल के टूटे शीशे--संवाद
फोटो संख्या:55- महेंद्रगढ़ स्वीमिंग पूल के टूटे शीशे--संवाद
फोटो संख्या:55- महेंद्रगढ़ स्वीमिंग पूल के टूटे शीशे--संवाद