महेंद्रगढ़। शहर में नियमों की अनदेखी कर भवन निर्माण का सिलसिला जारी है। शहर में चार से पांच मंजिला इमारतें तेजी से खड़ी हो रही हैं लेकिन इनमें से अधिकांश का नक्शा नगर पालिका से पास नहीं कराया गया है।
नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी से नियमों को ताक पर रखकर निर्माण जारी है। एक माह में नगर पालिका ने 20 लोगों को नियमों के विरुद्ध इमारतों के निर्माण पर नोटिस थमाया है। करीब 150 लोगों को नोटिस थमाने की तैयारी की जा रही है। लेकिन एक माह पूर्व जिन भवनों के मालिकों को नोटिस थमाए गए थे उन पर ठोस कार्रवाई को लेकर जिम्मेदार भी मौन साधे हुए हैं।
शहर के मुख्य बाजारों और आसपास के इलाकों में करीब तीस से अधिक बड़ी इमारतों का निर्माण कार्य जारी है। इनमें से कई निर्माण कार्य ऐसे हैं, जहां न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही नगर पालिका से एनओसी या नक्शा पास कराया गया है। इससे न केवल लोगों की जान को खतरा है बल्कि नगर पालिका की आय में भी गिरावट आ रही है।
शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका एक्ट के तहत बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करना पूरी तरह गैरकानूनी है। नियम के अनुसार, नगर परिषद के अधिसूचित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति नया मकान, दुकान या भवन बनाना चाहता है तो उसे पहले अपनी जमीन की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज की रसीद और अन्य दस्तावेजों के साथ नक्शा कार्यालय में पास करवाना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही निर्माण कार्य की अनुमति दी जाती है।
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- बेसमेंट भी किए जा रहे तैयार
शहर में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर में तीन मंजिला इमारत के लिए नगर पालिका की ओर से नक्शे पास किए जाते हैं और यदि इससे अधिक मंजिल की इमारत बनानी हो तो चंडीगढ़ मुख्य से नक्शा पास कराना होता है लेकिन नगर पालिका के पास नक्शे पास कराने वालों की संख्या कम है जबकि निर्माण कार्य प्रतिदिन जारी हैं। कई जगह तो मकान इतने करीब बनाए जा रहे हैं कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड या रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक भी मुश्किल हो सकती है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका की अनदेखी से शहर में अव्यवस्थित निर्माण कार्य बढ़ रहे हैं, जिससे भविष्य में गंभीर हादसे हो सकते हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अब तक किसी भी अवैध निर्माण के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि नियम तो हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
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उलझ रहे हैं लोग
इन भवनों के निर्माण को लेकर एक साल के दौरान दस से अधिक मामले ऐसे आएं हैं जहां किसी भवन के नजदीक अधिक ऊंचाई पर बनने वाली इमारत का विरोध लोगों द्वारा किया गया है। इनमें से कुछ पर तो न्यायालय में मामले विचाराधीन भी हैं। इस समय सबसे अधिक इमारतों के निर्माण का कार्य स्टेट हाईवे 148बी के आसपास शहरी क्षेत्र में आने वाले दायरे में किया जा रहा है।
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- वर्जन:
एक माह में करीब 20 लोगों को नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने पर नोटिस दिए गए हैं। दो बार नोटिस देने के बावजूद भी काम नहीं रोका जाता है तो इमारत व भवन को सील करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। जल्द ही नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक कर नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इमारतों व भवनों की जांच कराएगी। लोगों से अपील है कि नगरपालिका से नक्शा पास होने के बाद ही निर्माण करें जिससे भविष्य में कोई परेशानी न हो।
- रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:54- गोशाला रोड पर चल रहा निर्माण कार्य---संवाद