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69 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नौकरी पर संकट

Thu, 05 May 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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लड़कियों की निरंतर घट रही संख्या को गंभीरता से लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने 69 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त करने का नोटिस जारी किया है। पिछले दिनों उपायुक्त संजीव वर्मा द्वारा ली गई बैठक में कई गांवों के आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद यह कदम उठाया गया है। इससे पूर्व उपायुक्त ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया था। इनमें से कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के तो ऐसे गांव भी हैं, जहां तीन माह से एक भी लड़की ने जन्म नहीं लिया है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता हुड्डा की तरफ से जारी इस नोटिस में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन दिन के अंदर-अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। जवाब न देने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही कर सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया जाएगा। नोटिस में कहा गया है कि आपके गांवों में लड़कियों की संख्या निरंतर घट रही है। कई बार इस बारे में आपको कई बैठकों में ऐसे कृत्य करने वालों की सूचना देने के निर्देश देने का कहा गया था, परंतु आपके क्षेत्र में बालिकाओं के घटते आंकड़े बताते हैं कि आप अपने कर्तव्य का गंभीरता से पालन करने में सक्षम नहीं हैं। इस दृष्टि में क्यों न लोकहित में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद से सेवाएं समाप्त कर आपके स्थान पर नियमानुसार किसी अन्य योग्य महिला को यह पद सौंपा जाए। इससे पूर्व की आपकी सेवाएं आंगनबाड़ी पद से समाप्त कर दी जाएं आपको अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया जाता है अन्यथा आपके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उपायुक्त संजीव कुमार का कहना है कि बालिकाओं की घट रही संख्या आने वाले समय में समाज के ताने-बाने को खत्म करने की तरफ इशारा कर रही है। हमें अपने प्रयास से एक-एक बालिका को बचाना है। बेटियों को बचाने में जो अच्छा काम करेगा उसे सम्मानित किया जाएगा जबकि गंभीरता नहीं दिखाने वाले को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम कितनी भी विकास की बातें कर लें जब तक समाज में इस कलंक को नहीं धोएंगे तब तक सभी बातें बेमानी हैं।
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इन गांवों में तीन माह में एक भी लड़की नहीं
जिले के कई ऐसे गांव हैं जहां पर जनवरी से मार्च तक एक भी लड़की पैदा नहीं हुई। इनमें पालड़ी पनिहार में सात लड़के, सरेली में पांच लड़के, इस्लामपुरा पांच, तोताहेड़ी में पांच, खातिवास में पांच, मोहलड़ा में पांच, बड़गांव में पांच, नंगला में चार, जांजड़ियावास में चार लड़के शामिल हैं। इन गांवों में जनवरी से मार्च तक एक भी लड़की पैदा नहीं हुई।

इन गांवों के आंकड़े भी चौंकाने वाले
लिंगानुपात में जिले के कई गांवों में आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इन गांवों में बहुत कम लड़कियां पैदा हुई हैं। इनमें महेंद्रगढ़ के वार्ड एक में 11 लड़के एक लड़की, नारनौल के वार्ड बीस में 7-1, कांटी में 13-2, बेवल में 12-2, गोठड़ी में 6-1, ताजीपुर में 6-1, आकोदा में 6-1, नीरपुर 6-1, खातोदड़ा में 5-1, महेंद्रगढ़ के वार्ड 7 में 5-1, कुंजपुरा में 5-1, नावा में 9-2, महेंद्रगढ़ के वार्ड पांच में 9-2, ढाणी रावता में 8-2, डालनवास में 11-3, मोहनपुर में 7-2, जाखनी में 7-2, डाढौत 9-3, सिहमा में 9-3, भोड़ी में 9-3, श्यामपुरा में 11-4, सिरोही भाली में 13-5, कोरियावास में 12-5, बवानियां में 12-5, खेड़ी में 14-6, पटीकरा में 12-6, कनीना में 21-13 का अनुपात है।

इनको मिला नोटिस
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी अनीता हुड्डा ने जिले की जिन 69 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस दिया है उनमें गांव कांटी की निर्मल शर्मा, निर्मला, भागवती, ममता, पूनम व शारदा शामिल हैं। इसी प्रकार गांव खेड़ी की संतोष, शशिकांता, सुशीला, रोशनी व परमेश्वरी, गांव केवल की सरोज, मुन्नी, अनीता व केला, कनीना में जागो, मुन्नी, अनीता, संजोगिता, राजवंती, धनवंती, शकुंतला, ममता, अनीता व सुरेश, गांव बवानियां की पूनम, बिमला, शरणकौर, सुशीला व मुन्नी, महेंद्रगढ़ के वार्ड दो की शीला, वार्ड 11 की कृष्णा, 12 की राजरानी, गांव नावा की सरोज बाला, अनीता, सुरेश व सुनीता, श्यामपुरा की कविता, पालड़ी पनिहार की सुमन, जांजड़ियावास की मंजूबाला, ढाडौत की सुरेश, दर्शना, गांव डालनवास की शीला देवी, वंदना, सरोज, राजश्री व लक्ष्मी, तोताहेड़ी की इंद्रावती और रेश्मी, सिरोही बहाली की गुलाब, कमला, कमला, कृष्णा व सावित्री, गांव इस्लामपुरा की कृष्णा व मनीषा, ढाणी रावता की कमला व नीरज, गांव सरेहली की अनीता और निषा, कोरियावास की बिमला, मौसमी, सविता, सुनीता व सुशीला, नारनौल के वार्ड नंबर 20 की मीना, सुमंत, उषा और चंद्रकला शामिल हैं।
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