नारनौल। एडीजे हर्षाली चौधरी ने जातिसूचक गालियां देने के मामले में संदीप और आकाश को बरी कर दिया है। अदालत ने उनके जमानती बॉन्ड व मुचलके डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए। 19 जनवरी 2021 को शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी थी।
आरोप था कि संदीप और आकाश ने मनीष को जातिसूचक गालियां दीं, मारपीट की और धमकियां दीं। उन्होंने मनीषा को भी गालियां देकर पत्थर फेंका जिससे वह घायल हुई। अदालत ने दोनों पक्षों और पीड़ित मनीषा के बयान सुने। अभियोजन पक्ष कोई स्वतंत्र गवाह पेश करने में विफल रहा।
घायल गवाहों ने अभियोजन पक्ष के बयान को खारिज किया और शिकायतकर्ता की गवाही विरोधाभासी पाई गई। इन परिस्थितियों में अभियुक्तों को संदेह का लाभ दिया गया। परिणामस्वरूप, अभियोजन पक्ष अपराध स्थापित करने में विफल रहा, इसलिए आकाश व संदीप को बरी किया गया।