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Mahendragarh-Narnaul News: भाजपा ने नहीं खोले पत्ते, कांग्रेस ने प्रचार में झोंकी ताकत

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रेवाड़ी। भाजपा अभी तक अपने चेयरमैन पद के उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाई है। नामांकन के दूसरे दिन कोई आवेदन दाखिल नहीं किए गए। दूसरी ओर कांग्रेस ने समय रहते अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और चुनाव प्रचार में भी पूरी ताकत के साथ उतर चुकी है।
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कांग्रेस ने रेवाड़ी से निहारिका चौधरी और धारूहेड़ा से कुमारी राज को चेयरमैन पद के लिए मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवार अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। कांग्रेस का यह आक्रामक रुख भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
इधर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से जुड़े नेता भी चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रजवंत डहीनवाल ने पार्टी टिकट का इंतजार करने की बजाय अपनी पत्नी डॉ. मीनू डहीनवाल को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया है।
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नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के भी उम्मीदवार मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। सपा के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा दिए गए संकेतों के बाद यह साफ है कि पार्टी भी इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है।
भाजपा की स्थिति सबसे अधिक चर्चा में
भाजपा की स्थिति फिलहाल सबसे अधिक चर्चा में है। पार्टी को चेयरमैन पद के लिए रेवाड़ी से 25 और धारूहेड़ा से 17 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने कई दौर की बैठकों के बाद दोनों सीटों के लिए पांच-पांच नाम शॉर्टलिस्ट किए। पिछले तीन दिनों से अंतिम उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है लेकिन अब तक किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है।

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भाजपा में इन नामों पर है सबसे ज्यादा चर्चा

रेवाड़ी सीट से पूर्व चेयरमैन विनिता पीपल, डॉ. हर्षा और उषा कांटीवाल के नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। वहीं धारूहेड़ा से निवर्तमान चेयरमैन कंवर सिंह यादव और सत्यनारायण उर्फ अजय जांगड़ा का नाम चर्चा में है। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि भाजपा अंतिम समय में किसी नए चेहरे को मौका देकर सभी को चौंका सकती है।

देरी का ये बताया जा रहा कारण

भाजपा की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा में हो रही देरी के पीछे पार्टी की रणनीतिक सोच बताई जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी सभी समीकरणों जातीय संतुलन, स्थानीय लोकप्रियता और जीत की संभावना को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लेना चाहती है।
रोहतक में होने वाली भाजपा की प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर बैठक पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। संभावना है कि इस बैठक के बाद ही उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
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