डस्टबिन घोटाले और पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के आरोप में मंगलवार को भुंगारका गांव के सरपंच जगत सिंह को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। इससे पहले विजिलेंस की टीम दो आरोपी पंचायत सचिवों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भुंगारका पंचायत द्वारा दो चरणों में डस्टबिन खरीदे गए थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। पंचायत को 100 डस्टबिनों की सप्लाई नहीं मिली और विक्रेता को भुगतान कर दिया गया। बचाव के लिए सरपंच व अन्य आरोपियों ने स्टॉक रजिस्ट्रर मेंनटेन कर लिया था। मामला पेचिंदा होने पर विजिलेंस टीम ने कूड़ेदानों की गिनती की। सभी वार्डों में स्टॉक रजिस्ट्रर के अनुसार ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच प्रक्रिया में मौके पर केवल 100 डस्टबिन ही रखे हुए मिले। 100 डस्टबिन नदारद मिलने पर सरपंच से कारण पूछा गया। उन्होंने चोरी होने का तर्क दिया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण विजिलेंस ने तर्क को नकार दिया। दूसरे चरण वाले डस्टबिनों का प्रस्ताव नहीं मिला। विजिलेंस को पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों संबंधित शिकायत मिली थी। टीम ने शिकायतकर्ता पंचों से पूछताछ की। कई पंचों ने सरपंच जगत सिंह व पंचायत सचिव मूलचंद पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए थे। आरोपों की जांच के लिए पंचों के हस्ताक्षरों के नमूने भी लिए गए थे। हालांकि आरोपी सरपंच ने पंचों के शपथ पत्र भी प्रस्तुत किए, लेकिन पंचों ने गुमराह करके शपथ पत्र लेने का आरोप लगाया। एक पंच ने सेशन कोर्ट व हाई कोर्ट में शिकायतकर्ता की हैसियत से पैरवी की है। वहां अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद विजिलेंस ने गिरफ्तारी का दबाव बनाया। 15 सितंबर को विजिलेंस टीम पंचायत सचिव मूलचंद के बाद दूसरे पंचायत सचिव उमेश कुमार को गिरफ्तार किया था, लेकिन आरोपी सरपंच जगत सिंह गिरफ्तार नहीं हुआ था। जिसके लिए विजिलेंस टीम लगातार दबिश दे रही थी। मंगलवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर नवल किशोर शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी सरपंच जगतसिंह को नारनौल के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
कोरोना जांच के बाद कोर्ट में होगी पेशी
आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। नवल किशोर शर्मा ने बताया कि डस्टबिन घोटाला और पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के तीसरे आरोपी सरपंच जगतसिंह को गिरफ्तार किया गया हैं। कोरोना टेस्ट करवाने के बाद पूछताछ कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया जायेगा। इससे पहले दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। जिनको कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उनको जेल भेज दिया गया था। वहीं डस्टबिन विक्रेता ने हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत ली हुई है। सूत्रों के अनुसार सरपंच पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके बुढ़ापा पेंशन बनवाने के आरोप हैं। पेंशन विभाग की शिकायत पर नांगल चौधरी थाने में केस भी दर्ज है।